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Dhar news: 74 की उम्र में भी ट्रैक पर दौड़ता जुनून, 7 गोल्ड जीतकर ‘धार के मिल्खा सिंह’ बने शंकरलाल

Senior Citizen Day: धार के 74 वर्षीय शंकरलाल जाट ने दौड़ में सात गोल्ड मेडल जीतकर ‘धार के मिल्खा सिंह’ कहलाए, जबकि 65 वर्षीय अनिता शर्मा साइकिलिंग और एथलेटिक्स से फिटनेस व समाजसेवा का संदेश दे रही हैं।
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धार

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Astha Awasthi

Aug 21, 2026

Senior Citizen Day:शंकरलाल जाट (Photo Source - Patrika)

Senior Citizen Day:शंकरलाल जाट (Photo Source - Patrika)

Senior Citizen Day: उम्र बढ़ने के साथ जिंदगी की रफ्तार धीमी हो जाए, यह जरूरी नहीं। एमपी के धार के 74 वर्षीय शंकरलाल जाट और 65 वर्षीय अनिता शर्मा इस सोच को गलत साबित कर रहे हैं। एक ने मैदान पर दौड़ते हुए सात गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं तो दूसरी साइकिल के पहियों पर फिटनेस और समाजसेवा का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही हैं। दोनों की दिनचर्या में उम्र नहीं, जुनून दिखाई देता है। शंकरलाल 800, 1500 और 5000 मीटर की दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर धार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, वहीं अनिता शर्मा एथलेटिक्स, मैराथन और साइकिलिंग के जरिए लगातार सक्रिय हैं। उनकी जिंदगी उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो फिटनेस के लिए समय नहीं होने का बहाना बनाते हैं।

Senior Citizen Day

65 वर्षीय अनिता शर्मा


ट्रैक पर दौड़ता जुनून, इसलिए कहते हैं ‘धार के मिल्खा सिंह’

पुलिस विभाग से 2013 में एएसआई पद से सेवानिवृत्त हुए शंकरलाल जाट ने नौकरी खत्म होने के साथ मैदान से रिश्ता खत्म नहीं किया। इसके उलट सेवानिवृत्ति के बाद खेल उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया। आज भी वे रोज मैदान पर पसीना बहाते हैं और ट्रैक पर उतरते ही उम्र जैसे पीछे छूट जाती है। शंकरलाल की खासियत उनकी लंबी दूरी की दौड़ है। वे 800 मीटर, 1500 मीटर और 5000 मीटर में हिस्सा लेते हैं और लगातार दौडऩे की क्षमता के कारण युवाओं को भी प्रेरित करते हैं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें ‘धार के मिल्खा सिंह’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा।

2017 में पहला गोल्ड, फिर लगातार बढ़ता गया कारवां

शंकरलाल ने 2017 में भोपाल के सीआईएसएफ मैदान में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता से प्रतिस्पर्धी खेलों में कदम रखा। पहली ही प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने पीछे मुडकऱ नहीं देखा। वे लगातार कई वर्षों तक 800 और 1500 मीटर की स्पर्धाओं में हिस्सा लेते रहे और पदक जीतते रहे। 1500 मीटर की दौड़ वे करीब 5 मिनट 17 सेकंड में पूरी कर चुके हैं। भोपाल के अलावा चेन्नई, बेंगलूरु और गुंटूर सहित कई शहरों में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वे धार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

मांडू की 5 किमी दौड़ में 500 से ज्यादा प्रतिभागियों को पछाड़ा

विधानसभा चुनाव-2023 से पहले जिला प्रशासन ने मतदाता जागरूकता के लिए मांडू में 5 किलोमीटर मैराथन आयोजित की थी। इसमें 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उम्र की परवाह किए बिना शंकरलाल ने दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि बताती है कि उनके लिए फिटनेस किसी प्रतियोगिता तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है।

फिटनेस का फॉर्मूला: रोज 40-45 मिनट मैदान में

शंकरलाल अपनी फिटनेस का श्रेय किसी विशेष दवा या डाइट को नहीं, बल्कि नियमित मेहनत को देते हैं। वे रोज 40 से 45 मिनट मैदान पर व्यायाम और रनिंग करते हैं। इसमें करीब 5 से 7 किलोमीटर दौड़ और 15 मिनट योगाभ्यास शामिल है। उनका कहना है कि नियमित व्यायाम ने उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर भी सक्रिय रखा है। उनका लक्ष्य साफ है, जब तक शरीर साथ दे, मैदान नहीं छोडऩा।