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झोलाछाप जिला अस्पताल, सामान्य अस्पताल से ज्यादा मरीज थे

एसडीएम मरीजों को देख हुए हैरान,
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सागर

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Pravendra Singh Tomar

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Updated: 3 May 2024, 7:40 PM IST

- न्यूरोलॉजिस्ट बनकर कर रहे थे इलाज, प्रशासन ने मारा छापा तो एक ही अस्पताल में मिले 50 मरीज, किया सील

-एसडीएम मरीजों को देख हुए हैरान, बोले इतने तो मेडिकल कॉलेजों में नहीं मिलते मरीज, सभी को एंबुलेंस से कराया शिफ्ट

दमोह/पथरिया. झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से एक मरीज की मौत के मामले में पत्रिका द्वारा प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन नींद से जागा। जिले में लगातार छापेमार कार्रवाई शुरू हो गई है। एसडीएम के नेतृत्व वाली टीम ने पथरिया के मेहलवारा गांव में एक फर्जी डॉक्टर के नर्सिंग होम पर छापा मारा। यहां, टीम भर्ती मरीजों को देखकर हैरान रह गई। टीम को यहां पर 50 मरीज भर्ती मिले। इनमें लकवाग्रस्त मरीजों की संख्या ज्यादा थी। खासबात यह थी कि इस अस्पताल में लकवाग्रस्त लोगों का मुख्य रूप से इलाज किया जाता है। झोलाछाप देवी लाल पटेल खुद को इस बीमारी का एक्सपर्ट बताता है। इधर, एसडीएम पथरिया महेंद्र गुप्ता ने तुरंत एम्बुलेंस के जरिए यहां भर्ती मिले मरीजों को पथरिया स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। टीम को देखकर यहां भर्ती मरीजों में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही। झोलाछाप ने पूरा जिला अस्पताल घर में खोल रखा था।

मरीजों से वसूल रहे थे 10 हजार तक

जांच के दौरान टीम को मालूम चला कि यहां एक मरीज से इलाज के नाम पर 9 से 10 हजार रुपए शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि यही इलाज सरकारी अस्पतालों में फ्री है। बहरहाल टीम ने आरोपी झोलाछाप देवी लाल पटेल और भतीजे के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी है। साथ ही अस्पताल को सील किया है।

-टीम को देखकर भागा झोलाछाप, बाद में पकड़ाया

बताया जाता है कि टीम को देखकर मौके पर झोलाछाप देवी लाल पटेल भाग निकला था, बाद में उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने इस अस्पताल से बड़ी संख्या में दवाएं भी जब्त की हैं। वहीं पथरिया के रेलवे लाइन के पास तीन क्लीनिकों पर भी छापेमार कार्रवाई हुई। टीम ने झोलाछाप राजेश पटेल और प्रीतम साहू के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया है। यहां पर भी अवैध रूप से मरीजों का इलाज किया जाना पाया।

- यह था मामला

कुछ दिन पहले पथरिया के इमलिया धोना गांव में झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से एक ५० साल के मरीज की मौत हो गई थी। पत्रिका ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पत्रिका की खबर के बाद कलेक्टर के निर्देश पर पथरिया क्षेत्र में झोलाछापों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित हुई। टीम में पथरिया एसडीएम महेंद्र गुप्ता, सीबीएमओ डॉ. ई मिंज व राजस्व विभाग से तहसीलदार अन्य मौजूद थे।

मुझे पथरिया में झोलाछापों के विरुद्ध पर्सनल ६ शिकायतें मिली थी। टीम को छापेमार कार्रवाई के लिए भेजा था। टीम मामले की जांच कर रही है। मेहलवारा में जांच में चौकाने वाली बात सामने आई है। इस मामले में जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ एफआइआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सुधीर कोचर, कलेक्टर

वर्शन

कलेक्टर के निर्देश पर छापेमार कार्रवाई की गई थी। मेहलवारा में झोलाछाप की अस्तपाल में ५० से ६० मरीज भर्ती मिले, जो हैरान करने वाले थे। अस्पताल से भारी मात्रा में दवाएं मिली हैं। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। पथरिया में दो और झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की है।

महेंद्र गुप्ता, एसडीएम पथरिया