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पत्रिका बिग इंपेक्ट… आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर दो साल से चल रहा था मसाया सोलर प्लांट, सील

-पत्रिका की खबर के बाद प्रशासन ने शुरू कराई थी जांच, कमिश्नर के आदेश पर कार्रवाई -आधी रात को पहुंचे एसडीएम, डीएसपी, मसाया के 150 मेगावॉट के दो प्लांट पर जड़ा ताला

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खंडवा

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Manish Arora

Jul 19, 2025

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खंडवा. पत्रिका में प्रकाशित खबर। कार्रवाई के लिए पहुंचे एसडीएम, डीएसपी।

आदिवासियों की जमीन झांसा देकर हड़पकर दो साल से अवैध रूप से चल रहे मसाया सोलर प्लांट को प्रशासन ने सील कर दिया है। पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था और 10 मई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले में जांच शुरू कराई थी। जांच में सत्यता पाई जाने पर मामला कमिश्नर तक गया था। संभागायुक्त के आदेश पर शुक्रवार रात 10 बजे एसडीएम बजरंग बहादुर, डीएसपी हेडक्वाटर अनिल सिंह चौहान, तहसीलदार महेश सोलंकी ने कनवानी और भावसिंगपुरा में मसाया सोलर प्लांट को सील किया।

पत्रिका द्वारा 10 मई को झांसा देकर आदिवासियों की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट, नहीं दिया पूरा पैसा शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। जिसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संयुक्त कलेक्टर से जांच कराई थी। जांच में पाया गया था कि ग्राम धरमपुरी, कनवानी, भावसिंगपुरा, बडगांव माली तथा ग्राम सिवना में बडी संख्या में "आदिवासियों की भूमि लेकर इन भूमियों पर प्लांट स्थापित करने की बात" सही पाई गई है। कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि शिकायत की जांच से स्पष्ट होता है कि कंपनी द्वारा अनुमति प्राप्त करने के पूर्व ही आदिवासी कृषको की भूमि पर सोलर प्लांट लगा कर उत्पादन करना शुरू कर दिया है, जो कि वैधानिक रूप से उचित प्रतीत नही होता है।

दबाव बनाकर भी हड़पी अजा वर्ग की जमीन
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ प्रकरणों में दबाव बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो की भूमियों का बलपूर्वक अंतरण किया गया है जो अनुचित एवं अवैधानिक है। जांच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट पाया गया है कि कुछ प्रकरणों में बिना पर्याप्त मुआवजे के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की भूमियों का भी अंतरण किया गया है जो मप्र भू-राजस्व सहिता की धाराओं का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच में यह भी पाया गया कि अनुसचित जनजाति के लोगों के साथ इनकी निरक्षरता का अनुचित लाभ उठाते हुए घोखाधड़ी की गई है व बिना जानकारी के उनके बैंक खातों में राशि निकाल ली गई है।

बिना खसरे, नामांतरण के चल रहा था प्लांट
कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि कुछ प्रकरणों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगो की जमीन कंपनी को अंतरित कर कंपनी द्वारा कब्जा प्राप्त किया गया व सोलर प्लांट लगाया गया, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि बिना खसरे के नामांतरण के, केवल कब्जे के आधार पर कंपनी द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि का डायवर्जन करवाया गया जो मप्र भू राजस्व सहिता के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

सरकारी, छोटे झाड़, चरनोई, नाले पर भी कब्जा
मसाया सोलर एनर्जी कंपनी द्वारा चरनोई, नाला, सडक़ तथा छोटे झाड़ के जंगल मदों की लगभग 27.64 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर बिना किसी लीज या अधिग्रहण के जबरन कब्जा कर रखा है, जो कि सर्वथा अनुचित है। कलेक्टर ने बताया कि इस संबंध में "तत्कालीन राजस्व अधिकारियों की भी उच्च स्तरीय जाच की जाएगी, जिनकी देखरेख में सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जे किए गए।"

तत्काल प्रभाव से कराया प्लांट सील
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने जांच के निष्कर्ष बिंदुओं के आधार पर आदेश दिए हैं कि शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण कर कब्जा करने के संबंध में उच्च स्तरीय जांच की जाए। कंपनी द्वारा जब तक अतिक्रमण की गई शासकीय भूमि के संबंध में लीज अथवा आवंटन की कार्यवाही नहीं की जाती तथा अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों की भूमि के संबंध में मप्र भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत विधिवत अंतरण की अनुमति प्राप्त नहीं की जाती, तब तक के लिए तत्काल प्रभाव से सोलर प्लांट के संचालन पर रोक लगाई जाए।