छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के लिए कांग्रेस ने बस्तर से प्रदेशव्यापी परिवर्तन यात्रा निकाली थी। जब परिवर्तन यात्रा से कांग्रेस के नेता लौट रहे थे, तभी नक्सलियों ने एम्बुश लगाकर दरभा के झीरम घाटी में 25 गाड़ियों में निकले 200 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर 300 से अधिक माओवादियों ने हमला किया था। जिसमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा सहित 30 लोगों की मौत हो गई थी और हमले में 38 लोग घायल भी हो गए थे। हमले के बाद सरकार ने जांच आयोग का गठन किया था।