
Shani Gochar 2022: 30 सालों बाद अपनी स्वराशि में आए शनि देव, जानें किन्हें होगा लाभ तो किन्हें हानि?
Shani Transit 30 April 2022: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को दुख, पीड़ा, तकनीक, विज्ञान आदि का कारक माना जाता है। इस ग्रह की चाल सभी नौ ग्रहों में सबसे धीमी मानी जाती है। शनि को अपनी राशि बदलने में करीब ढाई साल तक का समय लग जाता है। इस तरह से इसकी किसी भी राशि में वापसी करीब 30 साल बाद ही होती है। शनि ग्रह की दशा साढ़े 7 साल की होती है जिसे लोग शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) के नाम से जानते हैं। 29 अप्रैल 2022 से शनि देव ने कुंभ राशि में गोचर शुरू कर दिया है जहां ये 29 मार्च 2025 तक रहेंगे। जानिए इस गोचर का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि इस साल दो बार गोचर करेगा। इसका पहला गोचर 29 अप्रैल को सुबह 9 बजे के करीब हो चुका है और दूसरा गोचर 12 जुलाई को होगा। 5 जून को शनि अपनी वक्री चाल शुरू करेगा और 12 जुलाई को ये अपनी पिछली गोचर राशि मकर में वापस आ जायेगा। जहां ये 17 जनवरी 2023 तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा इसके बाद अपनी गोचर राशि कुंभ में वापस आ जायेगा।
शनि ग्रह के शुभ फल प्राप्त करने के सरल उपाय (Shani Ke Upay):
-बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें।
-शराब और मांस का सेवन न करें।
-शनिवार के दिन लोहे और रबड़ की वस्तुएं भूलकर भी न खरीदें।
-शनिवार के दिन व्रत करें।
-शनिदेव से संबंधित वस्तुएं साबुत उड़द, लोहा और तिल का दान करें।
-भगवान हनुमान और भगवान शिव की पूजा करें।
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Updated on:
29 Apr 2022 11:06 am
Published on:
29 Apr 2022 10:59 am
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