
शाहबेरी में एक और बिल्डिंग झुकी, गिरने की आशंका के बीच खाली कराकर किया सील, 36 परिवार दूसरी जगह शिफ्ट
नोएडा. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव में मंगलवार की रात दो इमारत के जमींदोज हो जाने से हुई 9 लोगों की मौत के बाद भी खतरा टला नहीं है। यहां एक और इमारत में दरार आ गई और वह एक तरफ झुक गई। इसकी सूचना मिलते ही थाना बिसरख पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की आशंका के चलते इमारत को तुरंत खाली करा लिया गया और इमारत को सील कर दिया गया है। इसके अलावा इस बिल्डिंग के आसपास रह रहे 36 परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। अधिकारियों का कहना है की प्राधिकरण की टेक्निकल टीम बिल्डिंग का मुआयना करने के बाद यदि सुरक्षित घोषित करेगी तभी लोगों को इसमें रहने दिया जाएगा।
बता दें कि शनिवार सुबह ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक डोरी लाल वर्मा के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम शाहबेरी गांव पहुंची। टीम ने मैप के आधार पर पूरे गांव का निरीक्षण किया। टीम ने गांव में बनी जेपी हाइट्स बिल्डिंग का भी गहनता से निरीक्षण किया। जांच में टीम ने पाया कि बिल्डिंग के पिलर कमजोर थे। इस कारण पिलर कुछ माह से फट रहे थे। उसे छिपाने के लिए बिल्डर ने पिलर के चारों तरफ लोहे की मोटी चादर लगा दी थी। सात मंजिला बिल्डंग में 42 फ्लैट थे। फ्लैट से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। बारिश व गंदा पानी बेसमेंट में ही भर रहा था। भवन में कुछ स्थानों पर दरार भी मिली। जांच के दौरान टीम ने पाया कि बिल्डिंग एक तरफ से थोड़ी झुक गई है। आशंका जताई कि बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है। शिकायत मिलने पर कोतवाली बिसरख पुलिस मौके पर पहुंची और इस बिल्डिंग को खाली कराया। इस दौरान माइक के जरिये लोगों को असुरक्षित बिल्डिंग से होने वाले खतरे से आगाह किया गया। इसके बाद लोगों ने बारिश के बीच ही घर खाली कर दिए।
शाहबेरी में 9 लोगों की मौत के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने इलाके की इमारतों का सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत खतरनाक बिल्डिंगों पर नोटिस चिपकाए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने अब तक 36 इमारतों में नोटिस चस्पा किया है। अधिकतर इमारतों में अभी कोई रह नहीं रहा है। नोटिस में कहा गया है कि ये इमारत खतरनाक हैं। इनको खाली कराया जाएगा, ताकि कोई हादसा न हो सके।
Published on:
22 Jul 2018 09:26 am
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