
दिल्ली से सटे गौमतबुद्ध नगर के 59 स्कूलों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जिसके चलते इन स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा बना हुआ है। दरअसल इन सभी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटे के जरिए बच्चों को एडमिशन देने के लिए कहा गया था। इसके लिए नोटिस भी जारी किया गया था। जिसमें आखिरी तारीख 30 जून दी गई है। लेकिन बावजूद इसके ये सभी स्कूल इन बच्चों को एडमिशन देने में आनाकानी कर रहे हैं। इस कारण इन स्कूलों को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने के मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को इन स्कूलों की सूची भेजी गई है।
तीन चरणों में लॉटरी निकाली गई थी
उधर, इस मामले पर एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि इन सभी 59 स्कूलों को अंतिम चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत तीसरी प्रवेश के लिए विभाग की तरफ से 2022-23 सत्र में प्रवेश के लिए तीन चरणों में लॉटरी निकाली गई थी। जिसके तहत कुल 5,572 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में सीट आवंटित की गईं थी। पहली लॉटरी में 3,399, दूसरी लॉटरी में 1,650 और तीसरी लॉटरी में 523 सीटें थीं, लेकिन अंतिम तिथि 0 जून बीत जाने के बावजूद 1300 से अधिक बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पाया है।
विभाग ने डीआईओएस को सूची जारी की
वहीं स्कूलों की तरफ से आनाकानी करने और बच्चों को एडमिशन नहीं देने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने सभी 59 स्कूलों पर कार्रवाई करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को सूची सौंपी है। आरोप लगाया है कि नोटिस जारी करते हुए 30 जून तक आखिरी समय दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी इन स्कूलों के कानों में जू तक नहीं रेंगी। स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत इन बच्चों को स्कूलों में प्रवेश से आनाकानी कर रहे हैं।
Published on:
01 Jul 2022 01:47 pm
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