
टशन दिखाने वालों की होगी 'हैसियत' तो Arms के लिए मिलेगा licence
नोएडा. उत्तर प्रदेश में Arms licence से रोक हटने के बाद जिला कलेक्ट्रेट में शस्त्र विभाग में आवेदन करने वाले पहुंच रहे है। सबसे ज्यादा युवा लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे है। प्रशासनिक अफसरों की माने तो अभी तक 1 एक हजार से ज्यादा लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। इसमें 24 से 35 वर्ष के युवाओं की भीड़ अधिक है। आवेदन के दौरान आवेदकों को जरुरी कागजात लगाने जरुरी है। लेकिन जरुरी कागजात आवेदक नहीं लगा रहे है। इसकी वजह से प्रशासन को ऐसे फॉर्म निरस्त करने पड़ रहे है।
काफी समय Arms licence बनाने पर रोक लगी हुई थी। योगी सरकार ने Arms licence से वर्षों बाद रोक हटा ली है। रोक हटने के बाद में लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आए दिन लोग लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करने जिला प्रशासन के पास पहुंच रहे है। इस बार अपराध पीड़ित, उद्यमी, व्यापारी, विरासत, बैंक, वितीय संस्थान, संस्थागत, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं जैसे सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिसबल के कर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय, अर्तराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज आदि को लाइसेंस बनवाने में प्राथमिकता दी जा रही है।
'हैसियत' न होने की वजह से निरस्त होगा आवेदन पत्र
कलेक्ट्रेट में आवेदन देने वालों की भीड़ है। ज्यादातर युवा वर्ग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर रहे है। शस्त्र विभाग के अधिकारियों की माने तो 24 से 35 साल के युवाओं के अधिक आवेदन फार्म मिल रहे है। इनमें युवा कई प्रकार की गलतियां छोड रहे है। साथ ही जरुरी कागजात भी नहीं लगा रहे है। अधिकारियों की माने तो हैसियत प्रमाण पत्र आवेदक फार्म के साथ संलग्न नहीं कर रहे है। इसकी वजह से फार्म अधूरा है। जबकि हैसियत प्रमाण पत्र भी आवेदको को लगाना जरुरी है।
जरुर है ये कागजात
Pistol, Revolver, Gun व अन्य लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय कागजात लगाने जरुरी है। इस दौरान पहचान पत्र, 2 पासपोर्ट साइज फोटो, वोटर ID और पिछले 3 साल की इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेंल देनी भी जरुरी है। आयु व जन्म प्रमाण पत्र के अलावा पैन कार्ड देनी है। साथ ही स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी। व्यापारियों के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की कॉपी आवेदन पत्र के साथ देनी जरुरी है।
नहीं लगा रहे आवेदक हैसियत प्रमाण पत्र
जाति, आय, जन्म प्रमाण पत्र के अलावा हैसियत प्रमाण पत्र लगाना भी आवेदन के साथ में जरुरी है। लेकिन आवेदक हैसियत प्रमाण पत्र नहीं लगा रहे है। जबकि यह लगाना जरुरी है। ऐसे में आवेदन अधूरा है। ऐसे आवेदको के आवदेन प्रशासन निरस्त कर सकता है।
ऐसे बनेगा हैसियत प्रमाण पत्र
जमीन के दस्तावेज, खतौनी, शपथ पत्र, संपत्ति की फोटो कॉपी, पैन कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, तहसील की रिपोर्ट, टैक्स का नोड्यूज, हाउस टैक्स लगाना पड़ता है। उसके बाद मेंं सभी जिला कलेक्ट्रेट में सभी फॉर्म के साथ जमा करने होते है। उसके बाद में प्रशासन की तरफ से हैसियत प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। हैसियत प्रमाण पत्र के लिए आॅनलाइन अप्लाई कर सकते है।
दोगुना हुए रेट
आवेदकों को शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन फॉर्म खरीदने के लिए जेब अधिक ढीली करनी होगी। इससे पहले आवेदन फॉर्म की फीस 200 रुपये थी, अब 500 रुपये कर दी गई है।
Updated on:
2 Nov 2018, 12:23 PM IST
Published on:
2 Nov 2018, 12:23 PM IST
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