
नोएडा के सेक्टर-65 में स्थित भूमिगत जलाशय में गंगाजल रिजर्व किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में दिवाली तक गंगाजल नहीं मिलेगा। शुक्रवार को नोएडा अथॉरिटी में सप्लाई बंद होने का फरमान पहुंच गया है। गंगाजल प्लांट 24 अक्टूबर की रात से 14 नवंबर तक बंद रहेगा। इस दौरान गंगनहर की सफाई होगी। इससे नोएडा में पानी किल्लत बढ़ सकती है। ऐसे में शहरवासियों को पानी का इस्तेमाल बचाकर करना होगा। ऐसे में नोएडा शहरवासियों को सभी त्योहार बगैर गंगाजल के मनाने होंगे।
हालांकि, पानी की दिक्कत न हो इसके लिए शुक्रवार को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने जल खंड के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहार पर किसी भी घर में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। रिजर्ववायर में पानी की स्टोरेज की जाए। प्रेशर को बेहतर किया जाए ताकि बड़ी बिल्डिंगों में भी लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने आगे कहा कि अगर कहीं पेयजल की दिक्कत होती है तो उन स्थानों के लिए टैंक की अतिरिक्त व्यवस्था कराई जाए।
हर साल होती है गंगनहर की सफाई
दरअसल, हर साल इसी तरह गंगनहर की सफाई की जाती है और लोगों को पानी की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंगाजल बंद होने के बाद शहर में खारे और मीठे को मिक्स कर सप्लाई की तैयारी है। वर्तमान में नोएडा में 240 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई की जाती है। इसमें इतना ही सप्लाई का पानी मिलाकर इसका टीडीएस स्तर 800 से 900 के आसपास बनाया गया है।
नए एसीईओ करेंगे जांच
दरअसल, इस पूरे मामले को 210वीं बोर्ड में लाया गया था। वहां अनुमोदन के बाद इस योजना पर एक जांच कमेटी गठित करने पर सहमति बनी थी। वहीं, 37 क्यूसेक गंगाजल की लाइन की जांच के लिए एसीईओ प्रभाष कुमार की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई थी। अब उनका ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में एसीईओ सतीश पाल ने बैठक के दौरान कहा कि जल्द से जल्द नए एसीईओ को इसके लिए नामित किया जाएगा।
Updated on:
21 Oct 2023, 7:33 PM IST
Published on:
21 Oct 2023, 7:29 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.