नवभारत टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, 24 फरवरी को हुई सामूहिक शादी में दनकौर के पास चीती-नंगला में 11 जोड़ों की फर्जी शादी का पता चला है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक दूल्हा तो मल्टिनेशनल कंपनी में जॉब करता है और उसके दो बच्चे भी हैं। छह साल पहले शादी हुई थी। इसी तरह के कई और मामले भी सामने आए। योजना के तहत विवाह करने वालों में एक शख्स की शादी तो करीब 12 साल पहले हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी लाभ लेने के लिए इनकी दोबारा सरकारी शादी की गई। ये सभी गरीबी रेखा से भी ऊपर हैं। इस घोटाले में ग्राम प्रधान का पति भी शामिल है। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा , दादरी के विधायक तेजपाल नागर, जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, DM और डीआईजी समेत कई अफसर भी शामिल हुए थे। उधर, इस मामले में डीएम बीएन सिंह का बहना है कि वह इस मामले की जांच करा रहे हैं।