6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कैराना उपचुनाव: अमेरिका में जन्‍मा यह नेता गठबंधन की तरफ से भाजपा को दे सकता है टक्‍कर

सपा और बसपा गठबंधन का हिस्‍सा बनने को तैयार है राष्‍ट्रीय लोक दल (रालोद)
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नोएडा

•

image

sharad asthana

•

Updated: 20 Mar 2018, 3:51 PM IST

jayant chaudhary

नोएडा। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में जहां खास बात मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य थे, वहीं कैराना में होने वाले उपचुनाव में खास वहां से लड़ने वाला एक उम्‍मीदवार हो सकता है। अभी तक तो माना जा रहा है कि यह नेता गठबंधन का हिस्‍सा हो सकता है। चूंकि सपा अौर बसपा ने मिलकर कैराना में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। अब तक के सियासी संकेत भी ऐसे ही मिल रहे हैं। राष्‍ट्रीय लोक दल (रालोद) भी इनका हिस्‍सा बनने को तैयार है। हां, अगर बसपा ने अपना प्रत्‍याशी उतारा तो रालोद शायद इसका हिस्‍सा न बने लेकिन फिलहाल अभी तो रालोद ने गठबंधन के ही संकेत दिए हैं। साथ ही उसके प्रत्‍याशी के भी चुनाव लड़ने की चर्चाए चल रही हैं। यह संभावित प्रत्‍याशी यूएसए के टेक्‍सास में जन्‍मा है। इतना ही उसकी पढ़ाई-लिखाई भी विदेश में हुई है।

कैराना उपचुनाव को लेकर बसपा ने लिया बड़ा फैसला

दो दिन रुके थे अजित सिंह

हम बात कर रहे हैं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी की। कैराना में चर्चा चल रही है कि जयंत चौधरी कैराना उपचुनाव में अपनी किस्‍मत आजमा सकते हैं। अजित सिंह शामली में दो दिन के लिए डेरा भी डाल चुके हैं। उन्‍होंने वहां कार्यकर्ताओं से सलाह-मशविरा भी किया था।

कैराना उपचुनाव में हारे हुए प्रत्‍याशी को टिकट दे सकती है भाजपा

विरासत में मिली है राजनीति

आपको बता दें क‍ि जयंत चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके दादा चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री रह चुके हैं। इतना ही नहीं उनकी पहचान किसान नेता के रूप में की जाती है। जयंत के पिता चौधरी अजित सिंह उर्फ छोटे चौधरी भी कई सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। यह तो आपको पता होगा लेकिन क्‍या यह पता है कि जयंत चौधरी का जन्‍म 27 दिसम्बर 1978 को यूएसए (अमरिका) के टेक्‍सास में हुआ है। उनकी स्‍नातक की पढ़ाई भी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से हुई है। जयंत चौधरी की शादी वर्ष 2003 में चारू सिंह से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं साहिरा और इलेशा हैं।

कैराना उपचुनाव में गठबंधन की तरफ से भाजपा को टक्‍कर दे सकते हैं पूर्व प्रधानमंत्री के पोते

2014 में हार गए थे चुनाव

जयंत चौधरी अब पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में रालोद का खोया हुआ वजूद दाेबारा जुटाने में लगे हुए हैं। इसकी बानगी छात्रसंघ चुनावाें में भी देखने को मिली थी, जब रालोद व अन्‍य पार्टियों ने मिलकर एबीवीपी के प्रत्‍याशी को शिकस्‍त दी थी। इस समय जयंत रालोद में उपाध्‍यक्ष के पद पर हैं। 15वीं लोकसभा में वह मथुरा से सांसद बने थे। इसके बाद 2012 में वह मांट से विधानसभा पहुंचे लेकिन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्‍हें हेमा मलिनी से शिकस्‍त मिली थी। अब वह कैराना से लोकसभा जाने का सपना देख रहे हैं।

हसीन जहां ने छुपाई थी यह बड़ी बात, अब शमी भी दर्ज कराएंगे मुकदमा