नोएडा। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के बाद अब कैराना सीट पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिक गई हैं। भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई इस सीट को बचाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है, वहीं सपा अौर बसपा फिर से गठबंधन कर उससे निपटने की रणनीति तैयार कर रही हैं। उधर, राष्ट्रीय लोक दल ने भी गठबंधन का हिस्सा बनने की ओर संकेत दिए हैं। माना यह भी जा रहा है कि इसके सहारे छोटे चौधरी अपने बेटे को लोकसभा में भेजने का सपना देख रहे हैं।