
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा. बीते लॉकडाउन की मार से उभर रहे लोगों के लिए कोरोना की दूसरी लहर फिर से एक नई मुसीबतें लेकर आई है। एनसीआर में काम करने वाले लोग फिर से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे ही कुछ सोमवार को ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर देखने को मिला। जहां बढ़ते कोरोना संक्रमण के बाद लागू हुए नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन लगने की आशंका के चलते लोग पलायन कर अपने-अपने घर लौट रहे हैं।
कोई प्रवासी मजदूर सिर पर सामान की पोटली रखे है तो कोई बच्चो को। ये नजार सोमवार दोपहर को ग्रेटर नोएडा में परी चौक पर देखने को मिला। बता दें कि ये वे प्रवासी मजदूर हैं, जो यहां रहकर अपने परिवार का पेट मेहनत-मजदूरी कर पालते हैं। वैसे तो इसी महीने में बीते साल कोरोना महामारी को लेकर सरकार के द्वारा लगाए गए जनता कर्फ्यू के कारण लाखों लोगों ने अपनी जन्मभूमि के लिए पलायन किया था। हालांकि कोरोना की वक्सीन आने और केस कम होने के बाद फिर दिल्ली एनसीआर और अपनी कर्मभूमि पर लोग ये प्रवासी मजदूर लौट आए थे। जबकि इस बार बीते साल से ज्यादा तेजी से फैल रहे कोरोना के डर से लोगों ने फिर से पलायन करना शुरू कर दिया है।
प्रवासी मजदूरों ने बताया कि पहले की तरह सरकार बिना बताए लॉकडाउन लगा देगी तो हम यहां भूखे मर जाएंगे। पिछली बार लॉकडाउन के बाद घर वापसी के समय, जो हमने मुसीबत उठाई थी, उसे हम ही जानते हैं। हम नहीं चाहते कि पिछली साल की तरह इस बार हमारे साथ कुछ वैसा हो और हम-हम दो वक्त की रोटी के लिए भी दर-दर की ठोकरे खाएं।
इन्होंने सरकार की व्यवस्था के ऊपर सवार उठाते हुए कहा कि अस्पतालों में जगह नही है। अगर हमें कुछ हो जाता है तो कौन देखने-भारने वाला होगा, हम घर पर सेफ रहेंगे। अब सवाल ये उठता है कि क्या आने वाले समय मे ये संख्या और बढ़ेगी? या शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा, ताकि लोगो का दोबारा पलायन करने से रोका जा सके।
Published on:
12 Apr 2021 03:28 pm
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