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यूपी निकाय चुनाव: मोदी के यह मंत्री भी नहीं रोक पाए बसपा का विजय रथ

उत्‍तर प्रदेश में भले ही 16 में से 14 निगमों पर भाजपा का कब्‍जा हो गया हो लेकिन दो सीटों पर बसपा ने जीत हासिल कर विरोधी खेमे में हलचल मचा दी है

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dr. mahesh sharma

नोएडा। उत्‍तर प्रदेश निकाय चुनाव में भले ही 16 में से 14 निगमों पर भाजपा का कब्‍जा हो गया हो लेकिन दो सीटों पर बसपा ने कब्‍जा जमाकर विरोधी खेमे में हलचल मचा दी है। इतना ही भाजपा के गढ़ मेरठ में सेंध लगाने के साथ ही कई नगर पालिकाओं में भी बसपा ने अपना सिक्‍का जमाया है। बुलंदशहर की नगर पालिका और नगर पंचायतों पर भी बसपा पहले नंबर पार्टी बनी है। यहां भाजपा के दो सांसद और सात विधायकों का जादू बिल्‍कुल नहीं चला। हालांकि, उन्‍होंने अपने प्रत्‍याशियों के लिए जनसभाएं भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बसपा की सोशल इंजीनियरिंग के सामने फेल हो गया।

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चारों में से एक भी सीट पर नहीं खिला कमल

गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार महेश शर्मा के क्षेत्र में जिले की सिकंदराबाद और खुर्जा विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें गुलावठी, सिकंदराबाद व खुर्जा नगर पालिका हैं जबक‍ि ककोड़ नगर पंचायत आती है। हैरत की बात यह है कि चारों में से एक भी सीट पर वह कमल नहीं खिलवा सके। खुर्जा, सिकंदराबाद व ककोड़ में हाथी जबक‍ि गुलावठी में निर्दलीय प्रत्याशी ने कमल नहीं खिलने दिया। हालांकि, मंत्री ने क्षेत्र में कई दिन तक प्रचार भी किया था।

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किसी ने ऐसा सोचा भी नहीं था
सियासी पंडितों को भी यह अनुमान नहीं रहा होगा कि नगर निकाय चुनाव में बसपा का हाथी इस तरह से चिंघाड़ेगा। कोई सोच भी नहीं सकता था कि बसपा इतना बेहतर प्रदर्शन करेगी। जनपद में पहली बार निकाय चुनाव में बसपा सभी पर भारी रही है। बसपा का सिंबल पर चुनाव लड़ाने का फैसला उसके पक्ष में गया है। बुलंदशहर की नौ नगर पालिका और आठ नगर पंचायत में बसपा ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। हालांकि, प्रत्याशियों के चयन को लेकर शुरू में काफी हो-हल्ला भी मचा। विरोध भी हुआ, मगर इसके सबके बावजूद बसपा अपने मकसद में कामयाब रही।