
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा. सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सुझाव के बाद जेवर में बनने वाले एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में संशोधन किया गया है। उम्मीद है कि आगामी 24 अप्रैल को यमुना अथॉरिटी की बोर्ड बैठक के दौरान इसको लेकर आखिरी फैसला हो सकता है। बता दें कि रक्षा मंत्रालय के साथ नागर विमानन महानिदेशालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने भी जरूरी सुझाव दिए हैं। अब इस मास्टर प्लान को नियाल (Noida International Airport Limited) की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जिसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान को अभी केवल सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दी है। बता दें कि यह प्रोजेक्ट अन्य एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट से खास है, क्योंकि इसके मास्टर प्लान में एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियाें के लिए एक बार में ही सेफ्टी एक्सेस देने की योजना है। इसके पहले किसी भी यात्री को कनेक्टिंग फ्लाइट लेने पर दो बार सेफ्टी क्लीयरेंस लेने की आवश्यकता का प्रावधान है। जिस कारण यात्रियों का समय बर्बाद तो होता ही है, उन्हें बहुत परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
दरअसल, सरकारी सुरक्षा एजेंसियों ने मास्टर प्लान में बदलाव का यह सुझाव दिया था कि यात्रियों को दो बार सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं लेना पड़े। इसलिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान इस संशोधन करते हुए एक बार ही सेफ्टी क्लीयरेंस का प्रावधान शामिल किया जाए। बताया जा रहा है कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने फिलहाल डोमेस्टिक होल्डिंग एरिया को लेकर अपनी राय नहीं रखी है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो बाद में अपनी राय जाहिर करेगा।
बता दें कि 24 अप्रैल को यमुना अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में एयरपोर्ट का मास्टर प्लान पेश किया जाना है। वहां से पास होते ही इसे नियाल की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। नियाल और यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट के मास्टर प्लान को स्वीकृति देने की प्रक्रिया इस माह ही पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान एयरपोर्ट को लेकर और भी कई अहम फैसले किए जाएंगे। हालांकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते बोर्ड बैठक के टलने का खतरा बना हुआ है।
Published on:
18 Apr 2021 03:43 pm
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