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नोएडा के इस कॉलेज में अब छात्र लाएंगे टीचरों को- देखें वीडियो

शहर में स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में बजा छात्रसंघ चुनाव का बिगुल, 24 दिसंबर को होगा मतदान और उसी दिन आएगा रिजल्‍ट

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नोएडा। शहर में स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बज गया है। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। अध्यक्ष पद के लिए इस बार सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच से एक छात्रा प्रत्याशी भी चुनाव लड़ेगी। चुनावी शेड्यूल की बात करें तो 19 दिसंबर को प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। जिसके बाद अध्यक्ष पद समेत बाकी पदों के लिए 24 दिसंबर को चुनाव होंगे। इस दौरान कॉलेज परिसर के भीतर और आसपास सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया। वहीं, नामांकन करने वाले उम्‍मीदवारों ने कॉलेज में टीचर्स की कमी को मुख्‍य मुद्दा बनाया।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वहीं कॉजेल परिसर में छात्र संगठनों की दिखती रैलियां इस बात की ताकीद कर रही हैं की राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बज गया है। इसको लेकर भारी पुलिस बंदोबस्त भी किया गया। पुलिस की सुरक्षा के बीच ही एबीवीपी, एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और निर्दलीय प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया। उधर चुनाव अधिकारी डॉ. नीता शर्मा ने बताया कि निर्धारित समय तक कुल 17 लोगों ने अपने नामांकन दाखिल किए। इनमें अध्यक्ष पद के लिए सबसे अधिक सात पर्चे भरे गए। उपाध्यक्ष के लिए चार लोगों ने नामांकन दाखिल किए, जबकि महासचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के लिए दो-दो उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। बता दें कि मंगलवार को नाम वापसी हो सकती है। वहीं 24 दिसंबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम तक वोटों की गिनती के बाद परिणाम की घोषणा भी कर दी जाएगी।

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छात्र नेताओं ने लगाई वादों की झड़ी
नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के अपने-अपने दावे हैं। इनमें मुख्य रूप से महाविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं को होने वाली समस्याओं को मुद्दा बनाया गया है। इनमें पीने के पानी, पार्कों की सफाई, छात्राओं की सुरक्षा, वाशरूम,लाइब्रेरी और विधि संकाय को चालू कराने को प्रत्याशी अपनी प्राथमिकता बताई गई।

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टीचर्स की कमी एक बड़ा मुद्दा
वहीं सपा प्रत्याशियों ने अपनी चुनावी मुद्दों में टीचर्स की कमी को बड़ी समस्या बताया। उनके मुताबिक कॉलेज में टीचर्स की कमी भी एक गहन मुद्दा है, जिसको लेकर वे लड़ाई लड़ेंगे। टीचर्स की कमी के चलते क्लासेज़ नियमित रूप से नहीं लगती। जिससे छात्रों की बढ़ाई पर असर पड़ रहा है और इसी मुद्दों को लेकर वो चुनाव लड़ रहे हैं।

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किन मुद्दों को लेकर चल रही एबीवीपी ?
हालांकि एबीवीपी प्रत्याशी अरुण यादव ने भी अपने चुनावी मुद्दों में टीचर्स की कमी को छात्रों की सबसे समस्या बताया। उनके मुताबिक प्रशासन से इस बाबत कई बार शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कॉलेज परिसर में छात्र-छात्रओं की सुरक्षा को अहम मुद्दा बताया और चुनाव के बाद जिम्मेदारी मिलने पर इसे पूरा करने का वादा भी किया।

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एनएसयूआई के क्या हैं मायने ?

वहीं एनएसयूआई प्रत्याशी प्रिंस शर्मा का कहना है कि वो छात्र-छात्रों के हित के लिए चुनाव लड़ रहे है और उनेक मु्द्दों में सबसे पहला काम कॉलेज परिसर में स्टेशनरी को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज में स्टेशनी की एक भी शॉप नहीं है। जिस कारण छात्र-छात्राओं को बाहर जाकर चीजों को खरीदना पड़ता है। उनका कहना है कि उनका पहला मुद्दा ये ही है कि वो चुनाव जीतने के बाद कॉलेज में एक स्टेशनरी शॉप खुलवायेंगे।