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देशभर के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को ट्रेजरी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

आरोपी के पास से अलग-अलग बैंकों की 100 पासबुक मिली हैं। पांच साल में करीब 25 करोड़ की ठगी कर चुका है। करीब साढ़े तीन लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए हैं।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 5 Aug 2021, 1:40 PM IST

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मालेगांव का 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार

नोएडा। ट्रेजरी अधिकारी बनकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को पेंशन डाटा अपडेट करने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी को नोएडा के साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अरोपी के पास से अलग-अलग बैंकों की 100 पासबुक मिली हैं। आरोपी से करीब एक हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पिछले पांच साल में आरोपित करीब 25 करोड़ की ठगी कर चुका है। उसके खाते व वॉलेट में मिले करीब साढ़े तीन लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए हैं। आरोपी से मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल कर ठगी की जाती थी।

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दरअसल, आरोपी का नाम नूर अली है जो एक शातिर ठग है। उसे नोएडा के सेक्टर 36 स्थित साइबर थाना पुलिस ने सहारनपुर बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। साइबर सेल थाना इंस्पेक्टर विनोद पांडेय ने बताया कि एक साल पहले बागपत में रहने वाले अमित शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया कि उनके पिता पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनसे ट्रेजरी अधिकारी बनकर 24 लाख की ठगी की गई। मुकदमा ट्रांसफर होकर बागपत से नोएडा साइबर थाना पुलिस के पास जांच के लिए आ गया। जांच के दौरान पता चला कि नूर अली निवासी गांव मुरली जिला भागलपुर बिहार नाम का व्यक्ति ठगी कर रहा है। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने बताया है कि वह अपने भाई के अलावा झारखंड के जामताड़ा के रहने वाले अपने अन्य साथी सफरुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी, अहमद अंसारी, अंकित कुमार और छोटन के साथ मिलकर ठगी का गिरोह चला रहा था। आरोपित वर्तमान में पंजाब के फतेहगढ़ जिले में मकान बनाकर रह रहा था।

विनोद पांडेय ने बताया कि ट्रेजरी अधिकारी बनकर अलग-अलग प्रदेशों में सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों को पेंशन का डाटा अपडेट करने के लिए फोन करते थे और बैंक खाते से संबंधित जानकारी लेते थे। ओटीपी मांग कर कर्मचारी के खाते में ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा एक्टिवेट कर देते थे। जैसे ही खाते में कोई रकम जमा होती थी आरोपी उसको अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग फर्जी पते पर कुल 100 बैंक खाते खुलवाए गए थे। खातों के अलावा आरोपी ने आनलाइन 40 वालेट भी बनाए थे, जिनमें ठगी की रकम भेजी जाती थी।

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इस गिरोह ने वर्ष 2019 में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी सांसद परनीत कौर के खाते से 23 लाख की ठगी की थी। उस दौरान पंजाब पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से ठगी करने लगा। आरोपी से करीब एक हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पिछले पांच साल में आरोपित करीब 25 करोड़ की ठगी कर चुका है। उसके खाते व वालेट में मिले करीब साढ़े तीन लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए हैं। आरोपित से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कर ठगी की जाती थी।