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त्यागी समाज की महापंचायत पर ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में लोगों का मौन विरोध

ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में लगे पोस्टर में सोसाइटी के लोग मौन तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। पोस्टरों में लिखा है, एकजुट रेजिडेन्स अन्याय के खिलाफ है। उत्पीड़न, दबंगई, महिलाओं का अपमान, गाली-गलौज, अतिक्रमण को हम ना बोलते है।
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नोएडा

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Jyoti Singh

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Updated: 21 Aug 2022, 12:27 PM IST

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श्रीकांत त्यागी का महिला से बदसलूकी करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां मुखर हो त्यागी समाज ने रविवार को नोएडा में श्रीकांत के समर्थन में महापंचायत बुलाई है तो वहीं नोएडा के सेक्टर 93-बी स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी मौन तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। इतना ही नहीं दोनों गुटों के बीच पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। महापंचायत में लगे पोस्टर को त्यागी समाज के सम्मान से जोड़ा जा रहा। जबकि ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी के निवासियों ने पूरी सोसायटी पोस्टर लगाया है। वह अन्याय के खिलाफ एक जुट हो संघर्ष करने का संदेश दे रहे हैं।

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कहा, हमारी लड़ाई एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ

बता दें कि ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में लगे पोस्टर में सोसाइटी के लोग मौन तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। पोस्टरों में लिखा है, एकजुट रेजिडेन्स अन्याय के खिलाफ है। उत्पीड़न, दबंगई, महिलाओं का अपमान, गाली-गलौज, अतिक्रमण को हम ना बोलते है। दरअसल, 5 अगस्त को एक महिला से बदसलूकी प्रकरण इतना तूल पकड़ जायेगा ऐसी उम्मीद किसी को भी नहीं थी। सोसायटी के लोगों का भी यही मानना है कि मामले ने जिस प्रकार से तूल पकड़ा है ऐसा नहीं होना चाहिए था। हमारी लड़ाई किसी समाज के खिलाफ नहीं है। घटना किसी समाज के खिलाफ नहीं एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ है।

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त्यागी समाज ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

उधर, इस मामले पर त्यागी समाज के लोगों का कहना है कि श्रीकांत को गलती की सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पुलिस ने पत्नी अनु त्यागी और मामी को थाने में बुलाकर प्रताड़ित किया जो गलत है। मामी को पांच दिन पुलिस जीप में लेकर घूमती रही। बच्चों को खाना देने पहुंचे छह युवकों पर भी केस दर्ज किया गया। श्रीकांत मामले में छह युवकों पर राजनीति से प्रेरित होकर केस दर्ज किया गया। इसे बिना शर्त हटाया जाना चाहिए। मामले की उच्चस्तरीय जांच करा श्रीकांत पर से गैंगस्टर एक्ट हटाया जाना चाहिए।