यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि आधार नंबर एक विशिष्ट पहचान है और इसका इस्तेमाल विभिन्न सेवाएं, लाभ और सब्सिडी लेने के लिए व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे कि बैंक खाता संख्या, पासपोर्ट संख्या और पैन नंबर। इसलिए इसे वैध जरूरतों के लिए ही साझा किया जाना चाहिए।