scriptIn the current scenario economic socialism most effective | मौजूदा परिदृश्य में आर्थिक समाजवाद सबसे प्रभावी | Patrika News

मौजूदा परिदृश्य में आर्थिक समाजवाद सबसे प्रभावी

आज से लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसेन का दिया 'एक रुपया, एक ईंट ' का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। बस जरूरत है तो इसकी मूल भावना को आत्मसात करने और इसे वर्तमान परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की। यदि हमारे देश के नीति निर्माता इस सिद्धांत को आधुनिक रूप देकर देश की अर्थव्यवस्था में इसे शामिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत को पड़ोसी देशों की तरह आर्थिक संकट के दौर से नहीं गुजरना पड़ेगा।

Published: April 29, 2022 08:59:20 pm

विजय गर्ग
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री व आर्थिक मामलों के जानकार

आज के परिदृश्य में जहां एक ओर दुनिया में कोरोना की मार झेल रही अनेक अर्थव्यवस्थाएं हैं, आर्थिक मंदी है और आसमान छूती महंगाई है, वहीं दूसरी ओर युद्ध और अस्थिरता भी है। भारत देश भी इससे अछूता नहीं है, हमारे देश में भी न केवल आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, बल्कि समाज में अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। भारत के पड़ोसी देशों की भी बात करें तो विशेषकर नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका के मौजूदा हालात बेहद विकट हैं। इन देशों में आम जनता भयंकर महंगाई की मार झेल रही है। हालात इतने बदतर हैं कि ये देश लगभग कंगाली की कगार पर हैं।
भारत को इन हालातों से रूबरू न होना पड़े, उसके लिए आर्थिक समाजवाद सबसे प्रभावी मार्ग सिद्ध हो सकता है। आज से लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसेन का दिया 'एक रुपया, एक ईंट ' का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। बस जरूरत है तो इसकी मूल भावना को आत्मसात करने और इसे वर्तमान परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की। यदि हमारे देश के नीति निर्माता इस सिद्धांत को आधुनिक रूप देकर देश की अर्थव्यवस्था में इसे शामिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत को पड़ोसी देशों की तरह आर्थिक संकट के दौर से नहीं गुजरना पड़ेगा।
महाराजा अग्रसेन की शासन अवधि में सच्चे समाजवाद की स्थापना के लिए नियम बनाया गया था कि राज्य में बाहर से आकर बसने वाले हर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को सक्षम बनाने के लिए उस राज्य के सक्षम निवासियों के सभी परिवार एक रुपया और एक ईंट उपहार स्वरूप देंगे ताकि नवागत परिवार न केवल अपना व्यवसाय शुरू कर पाए, बल्कि अपना घर भी बना सके। नवागत परिवार को इस तरह लाखों रुपए और इतनी ईंटें प्राप्त हो जाती थीं कि वह चिंतामुक्त होकर न केवल निज निवास में रह पाता था, बल्कि अपना व्यापार भी शुरू कर लेता था। इस तरह 'एक रुपया, एक ईंट ' का सिद्धांत नवागत तथा कमजोर परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता था। महाराजा अग्रसेन के इस समाजवाद के सिद्धांत का ही परिणाम था कि उनके राज्य में चहुंओर खुशहाली थी। महाराजा अग्रसेन ने तंत्रीय शासन प्रणाली की खामियों से राज्य को बचाने के लिए एक ऐसी नई व्यवस्था को जन्म दिया, जिसके अंतर्गत न केवल एक बार फिर से वैदिक सनातन आर्य संस्कृति की मूल मान्यताएं लागू की गईं, बल्कि कृषि-व्यापार, उद्योग, गोपालन के विकास के साथ-साथ राज्य के पुनर्गठन में नैतिक मूल्यों को फिर से स्थापित करने की मुहिम चलाई गई।
आज कोरोना महामारी के दो साल के मुश्किल दौर से निकलने के बाद आर्थिक मोर्चे पर राज्य और समाज को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता त्रस्त है, आर्थिक समाजवाद ही वह रास्ता है जिसे अपना कर लोगों की कमजोर आर्थिक स्थिति और आर्थिक वर्ग भेद को दूर किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों को गहन विश्लेषण कर महाराजा अग्रसेन के दिए आर्थिक समाजवाद के सिद्धांत को आत्मसात करना चाहिए और ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए जिनसे नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा का भाव मिले। कोरोना के बाद उपजे हालात एवं विश्वव्यापी मंदी से उपजी महंगाई का हल 'एक रुपया, एक ईंट ' जैसे सिद्धांत का आधुनिकीकरण ही हो सकता है। देश में पड़ोसी देशों जैसे हालात न हों, इसके लिए आर्थिक समाजवाद के सिद्धांत को लागू किया जाना वक्त की मांग है।
मौजूदा परिदृश्य में आर्थिक समाजवाद सबसे प्रभावी
मौजूदा परिदृश्य में आर्थिक समाजवाद सबसे प्रभावी

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather. राजस्थान में आज 18 जिलों में होगी बरसात, येलो अलर्ट जारीसंस्कारी बहू साबित होती हैं इन राशियों की लड़कियां, ससुराल वालों का तुरंत जीत लेती हैं दिलशुक्र ग्रह जल्द मिथुन राशि में करेगा प्रवेश, इन राशि वालों का चमकेगा करियरउदयपुर से निकले कन्हैया के हत्या आरोपी तो प्रशासन ने शहर को दी ये खुश खबरी... झूम उठी झीलों की नगरीजयपुर संभाग के तीन जिलों मे बंद रहेगा इंटरनेट, यहां हुआ शुरूज्योतिष: धन और करियर की हर समस्या को दूर कर सकते हैं रोटी के ये 4 आसान उपायछात्र बनकर कक्षा में बैठ गए कलक्टर, शिक्षक से कहा- अब आप मुझे कोई भी एक विषय पढ़ाइएUdaipur Murder: जयपुर में एक लाख से ज्यादा हिन्दू करेंगे प्रदर्शन, यह रहेगा जुलूस का रूट

बड़ी खबरें

'मैं उन्हें गोली मारने को भी तैयार',पीसी जॉर्ज की पत्नी ने CM विजयन को दी खुलेआम धमकीAmravati Murder Case: उमेश कोल्हे की हत्या को पहले डकैती का एंगल दिया गया, इसकी जांच करवाएंगे- डिप्टी सीएमपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को मंत्रिमंडल का करेंगे विस्तार, कई नए मंत्री ले सकते हैं शपथAmravati Murder Case: उमेश कोल्हे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई सामने- गर्दन पर चाकू का गहरा घाव, दिमाग व आखं की नस और खाने की नली डैमेजIND vs ENG: Jonny Bairstow ने भारत के खिलाफ जड़ा तूफानी शतक, बनाए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्सराजधानी में आधे दिन तक ही रहा प्रदेश बंद का असर, यात्रियों को हुई असुविधा, तो कहीं राशन के लिए भटके लोगMaharashtra: आरटीआई एक्ट का गलत फायदा उठाकर रंगदारी वसूलने के आरोप में 23 गिरफ्तार, पुलिस ने खोले बड़े राजसड़क पर उतरे लोग, बोले-हत्यारों को फांसी दो
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.