पाकिस्तान की अंदरूनी हालत को देखकर यह कतई नहीं लगता है कि वहां किसी प्रकार की कोई जम्हूरियत जैसी चीज बची है। वहां के विभिन्न प्रांतों के जो नेता हैं, वे आत्मनिर्भर सत्ता चाहते हैं। हमारे देश में जिस प्रकार केंद्रीय सत्ता है और उसका जो संघीय या प्रांतीय ढांचा है, वह पाकिस्तान में बिल्कुल नहीं है। पाकिस्तान का संघीय ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है।