
नई दिल्ली।
अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की गाड़ी पर हमला किया है। इस हमले में पांच पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है। यह हमला शनिवार रात में हुआ।
पाकिस्तानी सेना के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, हमले में मारे गए लोगों में 4 अर्धसैनिक बल फ्रंटियर कॉर्प्स और एक लेवीज के सदस्य गाड़ी में थे। दरअसल, यह वही इलाका है जहां तहरीक-ए-तालिबान यानी टीटीपी के आतंकी सक्रिय हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान उनके साथ बातचीत कर सुलह करने का दावा कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि आतंकी संगठन टीटीपी ने इस घटना के जरिए दो दिन पहले अपने एक कमांडर की पाकिस्तानी सेना के हाथों हुई मौत का बदला लिया है। सेना के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट की ओर से बताया गया है कि इस इलाके से आतंकवादियों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है।
बता दें कि पाकिस्तान में हाल में खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर आतंकवादी हमलों में वृद्धि हुई है। इस बीच टीटीपी ने ऐलान किया है कि उसने किसी तरह का सीजफायर घोषित नहीं किया है। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था कि टीटीपी ने संघर्ष विराम कर दिया है। आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी अब इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आतंकी संगठन टीटीपी के नेताओं से बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। इमरान खान ने तुर्की के टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान सरकार की टीटीपी से सुलह को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें तालिबान उनकी मदद कर रहा है।
टीटीपी पाक-अफगान सीमा क्षेत्र में एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। बातचीत की कोशिशों के बीच कहा जा रहा है कि इमरान खान ने एक बार फिर से आतंकियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। वहीं टीटीपी पर हजारों पाकिस्तानियों की जान लेने का आरोप है। इसको देखते हुए पाकिस्तान के विपक्षी पार्टियों ने उन्हें आड़े हाथों लिया है।
Published on:
03 Oct 2021 11:43 am
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