
एक गांव ऐसा : यहां के 6 हजार ग्रामीणों को चलना पड़ता हैं तीन किलोमीटर पैदल
गिरादड़ा। जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर एक ऐसा गांव है। जहां जाने के लिए कम से कम तीन किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है। गांव से किसी जगह जाना हो तो ाी तीन किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ता है। यह गांव है दयालपुरा। इस गांव में करीब 6 हजार लोग रहते हैं, इसके बावजूद गांव तक कोई बस नहीं जाती है।
बस चालक ग्रामीणों को पाली-भांवरी मुख्य सडक़ पर उतार देते हैं। वहां से ग्रामीणों को पैदल चलकर ही गांव तक आना-जाना पड़ता है। गांव में अन्य कोई आवागमन का साधन नहीं होने के कारण बुजुर्गों व बीमारों को लाने-ले जाने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बारे में ग्रामीणों की ओर से कई बार जिला अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
अधिकारियों को कराया अवगत
कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अभी तक गांव के लिए निजी व रोडवेज बस शुरू नहीं की गई है। ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। -दियाली पटेल, सरपंच, ग्राम पंचायत, दयालपुरा
कोई साधन नहीं
गांव में आने-जाने के लिए बस के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है। बस भी गांव में नहीं आती है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। -भीकी देवी, ग्रामीण, दयालपुरा
नहीं ले जा सकते अस्पताल
पाली समेत अन्य स्थानो पर आने-जाने में दिक्कत होती है। बजुर्गों व बीमारों को समय पर अस्पताल तक नहीं जा पाते हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। -दुर्गाराम देवासी, ग्रामीण, दयालपुरा
ओवरलोड वाहनों के चालान भरने में छूट
पाली। टोल नाकों पर 31 जुलाई 2018 तक ओवरलोड वाहन ले जाने वाहन चालकों को चालान राशि जमा करवाने के लिए राज्य सरकार की ओर से छूट दी जा रही है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जगदीश प्रसाद बैरवा ने बताया कि 16 तन तक के सकल भार वाहन द्वारा टोल नाकों पर 12 माह में तीन बार ओवरलोड वाहन के चालान कटने के मामले में अधिकतम छह हजार एवं तीन बार से अधिक अपराध पर नौ हजार तथा इसी तरह 16 टन वजन से अधिक के भार वाहनों द्वारा 12 माह में तीन बार ओवरलोड वाहन का चालान कटने पर दस हजार तथा तीन बार से अधिक ओवरलोड वाहन पकडऩे जाने पर 15 हजार प्रशमन राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामियों के लिए यह एक अवसर है। यह योजना 31 अक्टूबर 2018 तक ही प्रभावित रहेगी।
Published on:
06 Oct 2018 12:39 pm
