करोड़ों के टेंडर कर भूली नगर परिषद, जन को लुभाने के लिए सिर्फ कागजों में सजा दिए सपने

करोड़ों के टेंडर कर भूली नगर परिषद, जन को लुभाने के लिए सिर्फ कागजों में सजा दिए सपने

Suresh Singh Hemnani | Publish: Sep, 16 2018 11:06:07 AM (IST) Pali, Rajasthan, India

-शहर में अधिकतर के निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुए

ओम टेलर
पाली। चुनावी साल में जनता को लुभाने के लिए नगर परिषद ने करोड़ों रुपए के टेंडर जारी कर दिए, लेकिन अधिकतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए है। हालात यह है कि कार्यों के कार्यादेश तक जारी नहीं किए जा सके है। इनमें नहर पुलिया सडक़ को चौड़ा कर डिवाइडर निर्माण करवाने का कार्य भी शामिल है। जिसको लेकर कुछ दिन पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी वादी तरीके से नहर पुलिया पर विरोध प्रदर्शन किया था। राज्य में विधानसभा व अगले वर्ष लोकसभा चुनाव है। इसी के चलते नगर परिषद चेयरमैन ने चुनाव के समय टेंडर चलने की परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए
शहर विकास को लेकर पिछले एक माह में करीब 10-12 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों के टेंडर जारी कर दिए। यह पूरे कैसे होंगे इसे लेकर संशय है। इधर, हकीकत यह है कि इससे पूर्व के किए गए काफी निर्माण कार्यों के टेंडर अभी तक अटके हुए है।

केस एक - कुछ प्रमुख काम, जिनके टेंडर हुए, लेकिन काम नहीं
सुंदर नगर मुख्य सडक़ सुंदर नगर के लोग खस्ताहाल सडक़ व नाली नहीं होने की समस्या से परेशान है। गलियों की बात तो छोडि़ए, मोहल्ले में जाने वाली मुख्ख्य सडक़ सुंदर नगर के लोग खस्ताहाल सडक़ व नाली नहीं होने की समस्या से परेशान है। गलियों की बात तो छोडि़ए, मोहल्ले में जाने वाली मुख्य सडक़ तक का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि इसके निर्माण के लिए नगर परिषद टेंडर कर चुकी है। इसके बावजूद इसका निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

केस दो - सांई बाबा मंदिर से पीछे का मार्ग
हाउसिंग बोर्ड सांई बाबा मंदिर के पीछे की तरफ से सरस डेयरी तक जाने वाले मार्ग खस्ताहाल है। सडक़ निर्माण के लिए नगर परिषद ने टेंडर तो कर दिए, लेकिन निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में इस बाइपास मार्ग से वाहन चालक हिचकोले खाते गुरजने को मजबूर है।

केस तीन - शिवाजी नगर में क्रॉस-नाली
शिवाजी नगर में क्रॉस व नाली निर्माण के लिए टेंडर किए जा चुके है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे ओर भी कई वार्ड है जहां नाली व क्रॉस निर्माण के लिए टेंडर हुए, लेकिन कार्य शुरू नहीं हो सका।

केस चार - नया गांव क्षेत्र मार्ग
नया गांव रोड पर रेम्बो व कवाड़ स्कूल है। जहां से रोजाना सैकड़ों विद्यार्थियों व अध्यापकों का आना-जाना लगा रहता है। खस्ताहाल सडक़ से परेशान स्कूल प्रबंधन ने कई बार सडक़ निर्माण की मांग की। आखिरकार नगर परिषद ने टेंडर भी जारी किए, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

केस पांच - वातानुकूलित शौचालय
बांगड़ कॉलेज परिसर में वातानुकूलित शौचालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसे लेकर नगर परिषद ने टेंडर जारी किए, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका। इसका निर्माण हो तो निकट की कच्ची बस्ती के लोगों सहित कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकेगी।

गत नगर परिषद बोर्ड के मु य कार्य जो अब तक नहीं हो सके हैं पूरे
01. राजीव विहार आवासीय योजना
नगर परिषद के गत कांग्रेस बोर्ड के समय रामासिया के निकट चार-पांच करोड़ रुपए खर्च कर राजीव विहार आवासीय योजना विकसित की गई थी। चुनाव के बाद नगर परिषद में नया बोर्ड भाजपा का बना। जिसका कार्यकाल भी पूर्ण होने को आया है, लेकिन राजीव विहार को विकसित करने के लिए वर्तमान बोर्ड ने कुछ नहीं किया। ऐसे में करोड़ों खर्च होने के बाद भी राजीव विहार आवासीय योजना आबाद नहीं हो सकी। वह देखरेख के अभाव में विरान पड़ी है।

02. शहर में पार्क का सपना अधूरा
नगर परिषद के वर्तमान बोर्ड ने शहर में उद्यान विकसित करने सहित उनमें ओपन जिम लगाने के लिए बेहतर कार्य किया, लेकिन गत बोर्ड में शिवाजी नगर में उद्यान विकसित करने के लिए चारदीवार निर्माण के लिए टेंडर किया गया था। जिसके कार्यादेश आज तक जारी नहीं हो सके।

03. नगर परिषद की पुरानी है परिपाटी
चुनावी साल में नगर परिषद की ओर से नई घोषणाएं और कार्यों के टेंडर जारी करने की पुरानी परिपाटी है। इस भाजपा बोर्ड से पहले के कांग्रेस बोर्ड ने भी अपने अंतिम समय में कई निर्माण कार्यों को करवाने के टेंडर जारी कर दिए थे। वे आज तक अटके हुए ही है। ऐसे में जनता को महज चुनाव में हरे-भरे बाग ही दिखाए जा रहे है। जो चुनाव पूरे होते ही सूख जाते हैं।

प्रोसेस में फाइलें
कई जगह निर्माण कार्य शुरू करवा गए है। कुछ फाइलें प्रोसेस में चल रही है। जो निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके, उनकी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई करवाता हूं। -महेन्द्र बोहरा, सभापति नगर परिषद, पाली

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned