5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खतरनाक रोड, जो ले रही कई सालों से लोगों की जान

desuri news : हादसों का पर्याय है पंजाब मोड़, प्रशासन ने नियंत्रण के लिए डलवाई मिट्टी
2 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Sep 06, 2019

खतरनाक रोड, जो ले रही कई सालों से लोगों की जान

खतरनाक रोड, जो ले रही कई सालों से लोगों की जान

desuri news : देसूरी. देसूरी चारभुजा नाल में पंजाब मोड़ हादसों के लिए पहचाना जाता है इस मोड़ पर सबसे अधिक हादसे हो चुके हैं। जिसमें कई लोग काल का ग्रास बने हैं। वहीं राजसमंद प्रशासन है कि पंजाब मोड़ पर हादसों को रोकने के लिए मिट्टी डाल दी। जबकि अधिकारियों को इस मोड़ का ढलान कम करने के साथ चौड़ाई बढाने का कार्य करना था। ऐसा कुछ कार्य इस मोड़ पर नहीं किया गया। जिसके कारण आज भी इस मोड़ पर हादसे होते जा रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि देसूरी चारभुजा नाल डेंजर जोन है। इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक खतरनाक मोड़ हैं। सडक़ की चौडाई करीब 15 फीट है। सडक़ के एक तरफ चट्टानें और दूसरी तरह बरसाती नाला है। इसका 2 किलोमीटर हिस्सा देसूरी क्षेत्र का है, जबकि 14 किलामीटर राजसमंद (rajshamand) जिले का है। इसके बावजूद इस मार्ग पर कोई हादसा होता है, तो सबके मुंह से एक ही बात निकलती है कि देसूरी में हादसा हुआ है। जबकि देसूरी नाल की शुरूआत मानावतों का गुडा से होती है। एक किलोमीटर की दूरी पर पंजाब मोड है। यह मोड चन्द्रमा का आकार लिए हुए है। चारभुजा से देसूरी जाते समय नाल शुरू होते ही पंजाब मोड़ ढलान में आता है। ढलान में अक्सर वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं, पंजाब मोड़ के एक तरफ खाई भी है जबकि मोड़ के सामने ही पहाड़ है। अक्सर इस घुमावदार मोड़ (turn) पर वाहन का संतुलन बिगडऩे पर वाहन पहाड़ी से टकराकर पलट जाते हैं। बताया जाता है कि वर्षों पूर्व इस मोड पर पंजाब ट्रेवल्स की बस दुघर्टना ग्रस्त हो गई थी। जिसमें भी आधा दर्जन से अधिक लोग मौत हो गई थी। कई लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद इस मोड़ का नाम पंजाब मोड़ पड़ गया। जहा एक के बाद एक बडे हादसे होने से यह मोड़ हादसों के लिए पहचाना जाता है। वही राजसमंद प्रशासन ने इस मोड़ पर हादसों को रोकने के लिए मिट्टी का ढेर लगा दिया। जिससे यह फायदा जरूर हुआ कि जो वाहन ब्रेक फेल होने से तेजगति से पंजाब मोड की पहाड़ी से टकरा जाता था। वह मिट्टी के कारण उसकी गति कम होने से पहाड़ी से टकराने से पहले की पलट जाता है। इससे कई लोगों की जान जरूर बची है। मगर इस मोड़ पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 23 अगस्त को देसूरी नाल में टैंकर के नीचे वैन के दबने से नौ लोगों की मौत हुई थी। उसके एक घंटे पहले ही पंजाब मोड़ (punjab turn) पर फलों से भरा ट्रक पलट गया था। जबकि देसूरी चारभुजा नाल में जगह जगह सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो रखी है जिसकी भी मरम्मत नही हुई है।

पंजाब मोड़ पर 12 साल में 25 हादसे, 35 लोगों मौत

पिछले 12 वर्षों में देसूरी के पंजाब मोड़ पर करीब 25 हादसे हुए। जिसमें 35 से अधिक लोगों की मौत हुई। जबकि 65 से लोग घायल हुए। इसके बावजूद प्रशासन ने हादसों के रोकने के लिए कोई कार्य नहीं करवाया।
ठोस कदम उठाने चाहिए

देसूरी नाल में लगातार हादसे होने से कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं। हादसके रोकने के लिए सरकार को अब देसूरी नाल निर्माण को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।
भंवरसिंह चौहान, अध्यक्ष, देसूरी नाल निर्माण संघर्ष समिति