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बेरोजगारों के अरमानों पर सरकार ने गिराई गाज, एक नवंबर से ई-मित्र संचालकों को पास करनी होगी परीक्षा

प्रदेशभर में कियोस्क खोलकर ई-मित्र केंद्र खोलने का सपना पाले बैठे बेरोजगारों के अरमानों पर राज्य सरकार ने गाज गिरा दी है।

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पाली

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Santosh Trivedi

Oct 27, 2017

Online Exam Form

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रोहित पारीक/पाली। प्रदेशभर में कियोस्क खोलकर ई-मित्र केंद्र खोलने का सपना पाले बैठे बेरोजगारों के अरमानों पर राज्य सरकार ने गाज गिरा दी है। प्रदेश की साढ़े नौ हजार ग्राम पंचायतों में संचालित हो रहे ई-मित्रों के संचालक भी सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के राडार पर आ गए हैं।

राज्य में एक दिसम्बर 2017 के बाद ई-मित्र खोलने वालों के लिए बुनियादी प्रमाणीकरण परीक्षा पास करना जरूरी कर दिया गया है। दो चरणों में होने वाली परीक्षा के पहले चरण में आवेदक तथा वर्तमान संचालकों को हर छह माह में एक बार सौ अंकों का प्रश्न पत्र हल करना होगा। परीक्षा में ई-मित्र पोर्टल की प्रारम्भिक जानकारी, कंप्यूटर व इंटरनेट तथा मोबाइल से जुड़े आब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा में फेल हो जाने की दशा में संबंधित ई-मित्र कियोस्क बंद कर दिए जाएंगे।

दूसरे चरण में डिटेल्ड प्रमाणीकरण
दूसरे चरण की परीक्षा विस्तृत प्रमाणीकरण से जुड़ी होगी। सौ अंकों की यह परीक्षा साल में एक बार होगी। इसमें ऑब्जेक्टिव के साथ डिटेल्ड सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा का पाठ्यक्रम ई-मित्र पोर्टल पर चल रही सेवाओं के विवरण से जुड़ा होगा। खास बात ये है कि मास्टर ट्रेनर को भी परीक्षा में पास होना जरूरी होगा।

जरूरी होगा परीक्षा पास करना
&आमजन को ई-मित्र परियोजना के तहत संचालित सभी सेवाएं निर्बाध रूप से मिले। इसके लिए ही बुनियादी प्रमाणीकरण परीक्षा की बाध्यता लागू की जा रही है। हर नए आवेदक तथा पुराने संचालकों को यह परीक्षा पास करना जरूरी होगा।
संजय खान, एसीपी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पाली

...तो मिलेगा पुरस्कार
ई-मित्र कियोस्कों की तरह ही स्थानीय सेवा प्रदाताओं का वर्गीकरण किया जाएगा। इसमें उन्हें कियोस्कों के औसत वर्गीकरण, मास्टर ट्रेनर की ओर से हासिल औसत अंक, लेन -देन के औसत, कार्य दिवस के औसत, आमजन को दी गई सेवाओं के औसत, स्थानीय सेवा प्रदाताओं के रोल आउट प्लान तथा प्रशिक्षण की कसौटी पर परखा जाएगा। इसके बाद उन्हें सिग्नेचर, प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर व बेस ई-मित्र श्रेणी में बांटा जाएगा। इनके आधार पर ही स्थानीय सेवा प्रदाताओं की सेवाएं नवीनीकृत होगी। आईटी दिवस या अन्य विभागीय समारोह में उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। उनका कमीशन भी श्रेणी के आधार पर तय होगा।