3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किसानों के लिए खेतों में बगीचा लगाने की राह हुई आसान

किसान अब अपने खेल-खलिहान में आसानी से बगीचा लगा सकेगा। इसके लिए सरकार ने 10 से 20 प्रतिशत तक अनुदान बढ़ा दिया हैं। इससे अब लघु सीमांत किसान भी अपने खेतों में बगीचा लगा सकेगा। बूंद-बूंद सिंचाई योजना में अनुदान बढऩे से अब जिले के किसान उद्यान की फसलों में ज्यादा रुचि लेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Rajendra Singh Denok

•

Updated: 15 Jun 2017, 1:46 AM IST

Good News for farmers

agriculture system

पाली. किसान अब अपने खेल-खलिहान में आसानी से बगीचा लगा सकेगा। इसके लिए सरकार ने 10 से 20 प्रतिशत तक अनुदान बढ़ा दिया हैं। इससे अब लघु सीमांत किसान भी अपने खेतों में बगीचा लगा सकेगा। बूंद-बूंद सिंचाई योजना में अनुदान बढऩे से अब जिले के किसान उद्यान की फसलों में ज्यादा रुचि लेंगे।

उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कम अंतराल, अधिक अंतराल, मिनी फव्वारा व फव्वारा बूंद-बूंद सिंचाई योजना में किसानों को 50 प्रशित अनुदान है, जबकि लघु सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा हैं। उद्यान विभाग को जिले भर में 1100 हैक्टेयर भूमि में बगीचा लगाने का लक्ष्य मिला है। किसान नींबू, अनार, बेर, आंवला का बगीचा लगा रहे हैं।

फैक्ट फाइल

-बूंद-बूंद सिंचाई कम अंतराल इकाई की 1 लाख 17 हजार रुपए की लागत आती है। किसान को इस पर 58 हजार 500 रुपए का अनुदान है। जबकि, लघु सीमांत किसानों को 81 हजार 900 रुपए का अनुदान है।

-बूंद बूंद सिंचाई अधिक अंतराल की इकाई पर 30 हजार 534 रुपए की लागत आती है। इस पर किसानों को 15 हजार 267 रुपए व लघु सीमांत को 21 हजार 374 रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।

-मिनी फव्वारा पर 94 हजार रुपए की लागत आती है। किसान को 47 हजार रुपए अनुदान व लघु सीमांत को 65 हजार 820 रुपए का अनुदान।

-फव्वारा में 22 हजार रुपए की लागत आती है। इस पर किसान को 10 हजार 951 रुपए व लघु सीमांत को 13 हजार 141 रुपए का अनुदान मिलता है।

पैदावार बढ़ेगी

उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बूंद -बूंद सिंचाई योजना में किसान कम पानी में अधिक फसल लेता है। इस योजना में किसानों को फसल की लागत भी कम आती है व मजदूरी भी कम खर्च होती हैं। उत्पादन की गुणवत्ता भी काफी हद तक बढ़ जाती है। इस योजना में किसानों की 25 प्रतिशत तक पैदावार भी बढ़ जाती हैं।

बूंद -बूंद में अनुदान बढ़ा

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में बूंद-बूंद सिंचाई में किसानों के लिए 10 से 20 प्रतिशत अनुदान बढ़ा हैं। बड़े किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान है। लघु सीमांत को 70 प्रशित अनुदान दिया जा रहा हैं। अनुदान बढऩे से अब छोटे किसान भी आसानी से बगीचा लगा सकेगा।

माधोसिंह चम्पावत, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग पाली