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VIDEO : विश्व में कोरोना वायरस की दहशत और यहां गलियारे में ही बना दिया आइसोलेशन वार्ड, पढ़ें पूरी खबर…

-कोरोना वायरस [ Corona virus ] के संदिग्ध की रिपोर्ट नेगेटिव, चिकित्सा विभाग [ medical Department ] को राहत-चीन के बीजिंग के निकट तियानजिंग में कर रहा था एमबीबीएस
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पाली

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Suresh Hemnani

Feb 14, 2020

VIDEO : विश्व में कोरोना वायरस की दहशत और यहां गलियारे में ही बना दिया आइसोलेशन वार्ड, पढ़ें पूरी खबर...

VIDEO : विश्व में कोरोना वायरस की दहशत और यहां गलियारे में ही बना दिया आइसोलेशन वार्ड, पढ़ें पूरी खबर...

पाली। विश्व में कोरोना वायरस [ Corona virus ] कहर ढा रहा है। लेकिन, पाली में चीन से आया एक कोरोना वायरस संदिग्ध मिलने पर चिकित्सा विभाग [ medical Department ] ने लापरवाही बरतते हुए गलियारे में ही आइसोलेशन वार्ड [ Isolation ward ] बना दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि चीन में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष में अध्ययन कर रहे संदिग्ध की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इस संदिग्ध को शुक्रवार को बांगड़ अस्पताल [ Bangar Hospital ] से छुट्टी दे दी जाएगी।

दरअसल, चीन के बीजिंग के निकट तियानजिंग में पाली का एक छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। वह 15 दिन पहले भारत आया। इसके बाद उसे बुखार होने पर 12 फरवरी को बांगड़ अस्पताल लाया गया। जहां उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर रक्त का नमूना जयपुर जांच के लिए भेजा गया। जो शुक्रवार सुबह जयपुर पहुंचा। उस समय तक यह उम्मीद थी कि तीन दिन में रिपोर्ट मिलेगी, लेकिन जयपुर ने इस मामले को गंभीर मानते हुए तुरन्त जांच कर शाम पांच बजे से पहले ही रिपोर्ट भेज दी। जिसमें संदिग्ध कोरोना का नेगेटिव आया। इस पर चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। हालांकि कलक्टर की ओर से सभी होटल प्रबंधकों और अधिकारियों को चीन से आने वाले हर व्यक्ति की सूचना तुरन्त चिकित्सा विभाग को देने के निर्देश दिए गए है।

तर्क ऐसा जो समझ से परे
चीन के वुहान शहर में कोरोना के कारण अलग से अस्पताल बनाया गया। जिससे सामान्य अस्पताल में आने वाले मरीज संक्रमित नहीं हो। इस अब तक लाइलाज बीमारी की दहशत के बावजूद पाली के बांगड़ अस्पताल में पीएमओ कार्यालय के पास ही गलियारे के पास बने कमरे में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया। इस बारे में चिकित्सा अधिकारियों का तर्क था कि कमरे में प्रवेश करने पर पहले क पाउंडर के बैठने का स्थान है। इसके बाद वार्ड शुरू होता है और उसमें भी संदिग्ध को पीछे के बैड पर रखा गया है। जबकि इस गलियारे में से ही रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के
परिजन और अस्पताल आने वाले लोग गुजरते हैं।

होना चाहिए ऐसा
चिकित्सा के विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण फैलने का खतरा होने पर मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है। यह वार्ड ऐसी जगह पर बनाया जाना चाहिए। जहां से संक्रमण फैलने का अंदेशा नहीं रहे। आमजन की आवाजाही भी उस जगह पर कम हो। वहा शुद्ध हवा रहे।

रिपोर्ट मिल गई है
आइसोलेशन वार्ड में पहले कम्पाण्डर का कक्ष है। इसके बाद बड़े कक्ष में पीछे की तरफ मरीज को रखा गया है। वैसे जयपुर से कोरोना वायरस को लेकर भेजे नमूने की रिपोर्ट आ गई है। वह नेगेटिव आई है। मरीज को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। -डॉ. आरपी अरोड़ा, पीएमओ, बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पाली