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ब्रांडेंड नहीं जेनेरिक सहारा, ताकि हर कोई खरीद सके दवा

- हर दवा काउंटर पर जेनेरिक दवाएं रखना जरूरी, काउंटर पर लिखा मिलेगा- जेनेरिक दवा मिलती है- चिकित्सकों को भी जेनेरिक लिखने के निर्देश- आमजन को सस्ती दवा दिलाने की कवायद
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पाली

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Suresh Hemnani

•

Updated: 29 Sep 2020, 9:52 AM IST

ब्रांडेंड नहीं जेनेरिक सहारा, ताकि हर कोई खरीद सके दवा

ब्रांडेंड नहीं जेनेरिक सहारा, ताकि हर कोई खरीद सके दवा

पाली। कोरोना व मौसमी बीमारियों में महंगे इलाज के कारण हर कोई पूरा उपचार नहीं ले पा रहा है, ऐसे में सस्ता व अच्छा उपचार आमजन को मिलने की दिशा में जेनेरिक दवाओं पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने आदेश निकाला है कि हर दवा काउंटर पर जेनेरिक दवा उपलब्ध होने का बोर्ड चस्पा करना होगा, वहीं मेडिकल स्टोर पर इसकी अलग रैक होगी, जिसमें जेनेरिक दवाएं होगी। ये दवाएं अन्य ब्रांडेंड यानि इथिकल दवाओं से सस्ती होती है। चिकित्सकों को भी जेनेरिक दवाएं लिखने को कहा गया है।

जेनेरिक इसलिए आई याद
बीमारियों के चलते हर कोई दवाओं का पूरा कोर्स नहीं खरीद पाता। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बीमार होने पर इस परेशानी से जूंझना पड़ता है। ऐस हालात को देखते हुए जेनेरिक दवाओं का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल स्टोर संचालक को भी पाबंद किया जा रहा है कि वे अपनी दुकान के बाद जेनेरिक दवाएं उपलब्ध होने का बोर्ड लगाएंगे, ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ड्रग कंट्रोलर विभाग से अभियान के रूप में ले रहा है। पाली जिले के एक हजार के करीब मेडिकल स्टोर संचालकों को इसके लिए कहा गया है।

जेनेरिक दवा किसे कहते हैं
जेनेरिक दवा या इंटरनेशनल नॉन प्रॉपराइटी नेम मेडिसिन भी कहते हैं, जिनकी निर्माण सामग्री ब्रांडेड दवाओं के समान होती है, साथ ही ये दवाएं विश्व स्वास्थ्य संगठन की ड्रग लिस्ट के मानदंडों के अनुरूप होती हैं। जेनेरिक दवाओं को बाजार में उतारने के लिए ठीक वैसे ही अनुमति और लाइसेंस लेना होता है, जैसा कि ब्रांडेड दवाओं के लिए जरूरी होता है। ब्रांडेड दवा की ही तरह जेनेरिक दवाओं को गुणवत्ता मानकों की तमाम प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। किसी एक बीमारी के इलाज के लिए तमाम तरह की रिसर्च और स्टडी के बाद एक रसायन यानि साल्ट तैयार किया जाता है। जिसे आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए दवा की शक्ल दे दी जाती है। इस साल्ट को हर कंपनी अलग-अलग नामों से बेचती है। कोई इसे महंगे दामों में बेचती है तो कोई सस्ते दामों पर। लेकिन इस साल्ट का जेनेरिक नाम साल्ट के कंपोजिशन और बीमारी का ध्यान रखते हुए एक विशेष समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है। जेनेरिक दवा का नाम पूरे विश्व में सिर्फ एक ही होता जैसे-बुखार में काम आने वाली पैरासिटामॉल की टेबलेट हर कंपनी अलग-अलग नामों से बनाती है, लेकिन यदि यह जेनेरिक होगी तो इस पर हर देश में सिर्फ पैरासिटामॉल ही लिखा होगा।

जेनेरिक पर जोर
यह सहीं है कि सरकार के आदेश पर जेनेरिक दवा की बिक्री पर जोर दिया जा रहा है। हर दवा काउंटर पर यह उपलब्ध होगी, चिकित्सकों को भी जेनेरिक लिखने के लिए कहा गया है। हर दवा काउंटर पर जेनेरिक उपलब्धता का बोर्ड लगाना होगा। - बलदेवाराम चौधरी, औषद्यी नियंत्रण अधिकारी, पाली