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12 जाट बटालियन आज मनाएगी शहादत दिवस

- शहीदों को चढ़ाया जाएगा पुष्पचक्र, 13 सितम्बर को श्रीलंका में शहीद हुए थे 2 अधिकारी और 11 जवान
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नई दिल्ली

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Rajendra Singh Denok

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Updated: 12 Sep 2016, 10:30 PM IST

है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर इस जगत के शौर्य की जीवित कहानी हो गए हैं।

है नमन उनको कि जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े हैं पर आसमानी हो गए हैं॥

भारतीय सेना की 12 जाट बटालियन 13 सितम्बर 2016 को इसी अंदाज में 47वें शहादत दिवस पर शहीदों को नमन करेगी। फिलहाल यही बटालियन पुंछ में तैनात है और वहां आतंकी हमले से भारत को सुरक्षित कर चुकी है। पत्रिका से बातचीत में लेफ्टीनेंट कर्नल विकास शर्मा ने बताया कि आज ही के दिन श्रीलंका में एनटीटी के हमले में उनकी बटालियन के 11 जवान और दो अधिकारी शहीद हुए थे। उसी को बटालियन में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

शर्मा ने बताया कि 12 जाट के जवानों ने सच्ची मेहनत, लगन, राष्ट्रीय चरित्र और उत्तम सखा भाव का परिचय देते हुए देश की सेवा की है और पूरी सेना में हमेशा अपनी अनूठी छाप छोड़ी है। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी 1970 को जाट रेजिमेंटल सेंटर में जाट, राजपूत और सिख रेजीमेंट के जवानों को मिलाकर बटालियन खड़ी की गई। इसके तुरंत बाद 1971 के युद्ध में शानदार वीरता का प्रदर्शन किया। इस बटालियन ने पाकिस्तान के 61 अधिकारी और 1376 जेसीओ बंदी बनाए। इस लड़ाई में बटालियन को 2 वीर चक्र, एक सेना मेडल और एक मेंशन इन डिस्पेचेज वीरता पुरस्कार दिया। बटालियन को 15 जून 1972 को 12 जाट का नाम मिला। इस वर्ष यूनिट 47वां रेजिंग डे मना रही है और वीरों को शहादत के लिए नमन करेंगे और मंदिर में हवन होगा।

ये हैं 12 जाट के शहीद

भारत-पाक युद्ध 1971

मेजर सुदेश कुमार, नायब सुबेदार प्रेम कुमार, एसडी तिवारी, हवलदार बोधुराम, नायक करतारसिंह, लांसनायक अमरचंद, गिरधारीलाल, कपूरसिंह, सिपाही सरदारासिंह, भागमल, संदूरसिंह, मक्खनसिंह, जयनारायण, पितराम, रामसिंह और रामचन्द्र।

श्रीलंका में ऑपरेशन पवन 1988-90 में मेजर माइकल लेविस, कैप्टन प्रमोद जॉली, हवलदार दलीप सिंह, नायक भूपसिंह, नायक आरएन मिश्रा, लांसनायक फूलसिंह, सिपाही बाबूलाल, सूबेसिंह, सत्यवान, दलजीतसिंह, रमेश कुमार, रामसिंह, कपूरसिंह एवं नेत्रसिंह।

जम्मू एवं कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान 1992 से 2011 तक मेजर मनोज कुमार पांडेय, मेजर शोभित तिवारी, सुबेदार नाथुराम कड़वासरा, हवलदार घनश्याम, सीएचएम मोहनचंद्रजोशी, लांसलायक बंशीधर सेना मेडल, लांसनायक राजकुमार महतो, सिपाही सुल्तानसिंह जाट सेना मैडल, सिपाही मानसिंह एवं नायक प्रवीण कुमारसिंह।

ऑपरेशन विजय और मेघदूत करगिल युद्ध में नायक सुबेदार राजबीरसिंह, लांसनायक विजय कुमार शुक्ला, खड्गसिंह, सेना मेडल सिपाही पवन कुमार।

ऑपरेशन पराक्रम 2001-2002 में सुबेदार मामचंद, सीएचएम सियाराम गुर्जर, हवलदार शिशुपाल, नायक सिसराम, नायक दिनेशचन्द्र, नायक रामसहाय मिश्रा, नायक राजेन्द्रसिंह, नायक चंदनसिंह, सिपाही मुकेश कुमार, विनोद कुमार, विरेन्द्र प्रसाद, सतीश कुमार, परवेन्द्र कुमार, सविन्द्र कुमार, सुनील, मुकेश, अतरसिंह एवं गणेश कुमार।

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