
सोजत में चाय की एक केबिन पर चुनावी चर्चा करते सोजत क्षेत्र के लोग।
Rajasthan Assembly Elections 2023 : पाली जिले में अब चुनाव प्रचार रोचक मोड़ में पहुंच गया है। अन्य सीटों की तुलना में सबसे ज्यादा चर्चा में कोई सीट है तो वह सोजत विधानसभा। क्योंकि यहां प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के मुखिया रहे निरंजन आर्य अपना सियासी कॅरियर शुरू करने की जद्दोजहद में हैं। यह उनका पहला चुनाव है। हालांकि, 2013 में आर्य की पत्नी भी कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ीं, लेकिन जीत नहीं पाईं। अब चर्चा एक ही है कि प्रशासन में प्रदेश का सबसे बड़ा ओहदा संभालने करने वाले आर्य क्या राजनीति में भी सफल हो पाएंगे? आर्य का सीधा मुकाबला मौजूदा विधायक शोभा चौहान से है। विधायक चौहान के पति भी आरएएस अधिकारी है और कई मोर्चों पर इनकी पकड़ भी मजबूत मानी गई है। यह सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई हैं। आर्य गहलोत के करीबी माने जाते हैं।
मेघवाल-सीरवी-राजपूत निणाZयक... जो साधे, वही मीर
वैसे तो दो दशक से सोजत सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। कांग्रेस यहां 1998 में अंतिम बार जीती थी। 2008 से यह सीट आरक्षित है। यहां जातिगत समीकरण काफी मायने रखते हैं, लेकिन मेघवाल, सीरवी, राजपूत, माली और ब्राह्मण वोट बैंक निणाZयक हैं। जिस प्रत्याशी ने इस समीकरण को साध लिया, वह अपनी चुनावी वैतरणी पार करने में सफल रहा है। दोनों ही प्रत्याशी इसी गुणा-भाग में लगे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी आर्य को भरोसा है कि गहलोत सरकार की योजनाओं के साथ-साथ उनके कराए कामों का फायदा मिलेगा। जबकि, भाजपा प्रत्याशी चौहान को पार्टी के मजबूत आधार और खुद की साफ-सक्रिय छवि से चुनावी वैतरणी पार होने की उम्मीद है। पीएम मोदी की जाडन में हुई चुनावी सभा को भी भाजपा अपने लिए सुखद मान रही है।
आंकड़ो में सोजत विधानसभा
कुल मतदाता - 246023
पुरुष - 125987
महिला - 120036
ये प्रमुख मुद्दे
-नया औद्योगिक क्षेत्र
-मेहंदी को समर्थन मूल्य
-सोजत का उप जिला अस्पताल क्रमोन्नत
-सोजत की मंडी का विकास
-पर्यटन का विकास
-पेयजल की कमी
-क्षतिग्रस्त सड़कें और बिजली की कटौती
2018 का परिणाम
शोभा चौहान - 80645
शोभा सोलंकी - 48247
मतदाता मुखर, झंडे-बैनर-पोस्टर से चुनावी माहौल
सोजत का मतदाता मौन नहीं बल्कि मुखर है। सोजत में एक चाय की दुकान पर मिले कैलाश भाटी कहते हैं कांग्रेस के शासन में कई काम हुए। इसका चुनावों में फायदा मिलेगा। दूसरी तरफ, तोलाराम सीरवी भाजपा के पक्षधर है। उन्होंने बिजली कटौती और पेयजल की कमी पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। पत्रिका टीम ग्राउंड का हाल जानने पहुंची तो मतदाताओं से कई सियासी समीकरण सामने आए। सोजत कस्बे और आसपास के गांवों में पार्टियों के झंडे-बैनर और पोस्टरों की भरमार भी नजर आई। ग्रामीण इलाकों में भी चुनावी रंग अब परवान दिखा।
Published on:
22 Nov 2023 11:23 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
