
पाली पानी पिलाता था आज हालात ऐसे हो गए खुद तरस रहा
Water crisis : पाली. कभी पाली से जोधपुर (jodhpur) पानी लेकर जाने वाली ट्रेन अब पाली की प्यास बुझाने जोधपुर से जाएगी। 10 साल पहले इसी प्रकार से ट्रेन भेजी गई थी। तीन साल पहले जल संकट हुआ तो फिर तैयारी हुई, दो दिन पहले बारिश (rain) हुई और इसे रद्द कर दिया गया। अब एक बार फिर दो दिन बाद इसको चलाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बारिश से उम्मीद लगाए बैठा विभाग कई तैयारियां कर चुका है, लेकिन हाइडेंट के वॉल्व शत-प्रतिशत चालू हालात में नहीं आए हैं। अंतिम क्षणों तक वॉल्व बदलने का काम किया जाएगा।
भगत की कोठी रेलवे स्टेशन (railway station) के ट्रेक नम्बर 9 पर हाइडेंट लगे हुए हैं। इसके वॉल्व की देखरेख पिछले तीन वर्षों से नहीं हुई। 2016 में जब पाली वाटर ट्रेन भेजने की नौबत आई थी तो अंतिम रूप दिया गया था। इस बार भी बारिश से उम्मीद है यदि दो दिन में जवाई बांध में थोड़े से भी पानी की आवक होती है तो वाटर ट्रेन का संचालन स्थगित किया जा सकता है।
एक साथ भरे जा सकते हैं 50 वैगन
भगत की कोठी स्टेशन पर 50 वैगन को भरने के लिए हाइडेंट लगे हुए हैं। हाइडेंट के वॉल्व (Valve) जो क्षतिग्रस्त हो रखे हैं। उनको बदलने का काम कल शाम तक पूरा करने का लक्ष्य है।
Published on:
23 Jul 2019 07:00 am
