इसका पता परिजनों को नहीं लगा। वे किसी जंतु के काटने के अंदेशे से कपूराराम को सुमेरपुर चिकित्सालय ले गए। वहां तबीयत अधिक खराब होने पर पाली भेजा। जब तक उसे पाली लाया, वह बेहोश हो चुका था। पाली में मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण गर्ग के निर्देशन में डॉ. बालोटिया, डॉ. उमेद, डॉ. पर्शिका, डॉ. अनिल, डॉ. देवंश, डॉ. गजेन्द्र आदि ने उपचार शुरू किया।