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टाइगर रिजर्व में बाघों को पड़े खाने के लाले, प्रशासन बना रहा बस प्लान, पढ़े पूरी खबर

Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए पर्याप्त शिकार नहीं है, जिसकी वजह से पन्ना वन परिक्षेत्र में मनुष्य और बाघों के बीच टकराव बढ़ा है।

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पन्ना

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Akash Dewani

Dec 18, 2024

shortage of food for tigers in panna Tiger Reserve

Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के खाने के लाले पड़ चुके हैं। ऐसा कहना है वन विशेषज्ञों का, जिन्होंने बताया है कि टाइगर रिजर्व के क्षेत्रफल को देखते हुए यहां 40,000 से ज्यादा शाकाहारी वन्यजीव होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में यहां सिर्फ 26,000 ही शाकाहारी वन्यजीव बचे हैं।

बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) कुल 80 बाघों का घर है। टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1,645.08 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें बाघों के रहने लायक जमीन केवल 800 वर्ग किलोमीटर है। विशेषज्ञों के अनुसार, टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए पर्याप्त शिकार नहीं मिलने से उनका इंसानों के साथ टकराव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि टाइगर रिजर्व के प्रबंधन ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, जिसकी वजह से अब बाघ खाने की तलाश में मनुष्यों की बस्ती की तरफ जा रहे हैं।

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प्रशासन बस बना रहा है प्लान

इससे इंसान और बाघों के बीच टकराव बढ़ रहा है। इसका सबसे ताजा उदाहरण करीब एक हफ्ते पहले देखने को मिला, जहां हिनौता रेंज के पास 3 बाघों ने मिलकर एक महिला का शिकार किया था। पीटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां चीतल और सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों की संख्या घटी है, जो बाघों का मुख्य शिकार होते हैं।

जानकारों ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) में 50 बाघ ही रह सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाघों की संख्या 80 है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन ने भी माना था कि बाघों के लिए शाकाहारी वन्यजीवों की कमी है, लेकिन इसके लिए एक प्लान बनाया गया था, जिस पर काम शुरू नहीं हो पाया था। हालांकि, प्रशासन के अनुसार वह अब दूसरे प्लान पर काम कर रहे हैं।