
लू लगने पर नजर आएंगे ये लक्षण, इन उपायों से होगी दूर
पन्ना. गर्मी का कहर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है, गर्म हवाओं के कारण लू लगने का खतरा बना रहता है, ऐसे में आपको लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय करने होंगे, अगर आपको लू लग गई है, तो हम लक्षण नजर आने पर घर पर ही उपचार भी कर सकते हैं, वहीं अच्छे डॉक्टर को भी दिखाकर इलाज करवाएं।
जिले में गर्मी का असर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान था। इसी प्रकार रात का न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियर रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन की सबसे गर्म रात रही। दिनरात गर्मी होने से संपूर्ण जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित है। दोपहर में लू चलने से लोगों को लू लगने की आशंका भी बढ़ी है। इसी कारण से डॉक्टरों द्वारा लगातार लोगों को एडवाइजरी जारी की जा रही है।
जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। अप्रेल का महीना शुरू होने के साथ तेज गर्मी का दौर महीने के दिनों के कम होने के साथ ही बढ़ता जा रहा है। महीने के दूसरे पखवाड़े में तपन और अधिक बढऩे की आशंका जताई जा रही है। गर्मी और जल संकट बढऩे से मौसमी बीमारियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या मार्च के पहले पखवाड़े के मुकाबले 20 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गई है। सबसे अधिक मरीज, उल्टी-दस्त, निमोनियां, बुखार, सर्दी-जुकाम, पेटदर्द के पहुंच रहे हैं।
लू के लक्षण
-गर्म लाल और सूखी त्वचा।
-शरीर के तापमान से सेल्सियस या फेरेनाइट।
-मतली या उल्टी।
-बहुत तेज सिर दर्द।
-मांसपेशियों में कमजोरी या ऐठन।
-सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना।
-घबराहट होना, चक्कर आना, बेहोशी और हल्का सिरदर्द।
यह उपाए करें
-अपने मन से ग्लूकोज बोतल (आईवी फ्लूड) नहीं लगवाएं।
-लू लगने पर तत्काल ठंडक पर लिटाएं और कपड़े ढीले कर दें।
-तलवों में लौकी के रस की मालिस करें, बर्फ की पट्टी रखें।
-शिकंजी, ग्लूकोज, आम का पना और शरबत आदि पिलाएं
-तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से इलाज कराएं।
-झोलाछाप डॉक्टरों से बचें।
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लू (तापघात) से बचाव के उपाय
-अत्यधिक गर्मियों में लू (तापघात) की संभावना बढ़ जाती हैं जिससे बचाव हेतु जरूरी है कि गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हलके रंग के ढीले काटन के वस्त्र का प्रयोग करे। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें।
-गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग, कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढंककर ही धूप में निकले। रंगीन चश्में व छतरी का प्रयोग करें।
-गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पियें एवं पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। बाहर जाते समय अपने साथ पानी रखें।
-गर्मी के दिनों में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को सिखायें कि जब भी उन्हें अधिक गर्मी महसूस हो तो वे तुरंत घर के अंदर आयें।
-गर्मी के दिनों में बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखें। उन्हें धूप में घर से बाहर न निकलने दें व उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन तथा तरल पदार्थों का सेवन करवायें।
-गर्मी के दिनों में ठंडे मौसमी फलों का सेवन करें।
-गर्मी के दिनों में तीव्र धूप को अंदर से रोकें।
-गंदे, सड़े-गले व कटे हुए फल व खुले खाद्य प्रदार्थ नहीं खाएं।
-फलों और सब्जियों को साफ पानी में धोने के बाद ही उपयोग करें।
-बासी भोजन नहीं करें, ताजा बना हुआ भोजन ही करें।
Published on:
14 Apr 2022 04:55 pm
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