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Bankipur Bypoll Result: शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर आगे, बीजेपी के लिए क्यों बन गई है प्रतिष्ठा की लड़ाई?

Bankipur Bypoll Result: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से आगे चल रहे हैं। बीजेपी के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर प्रशांत किशोर की एंट्री ने मुकाबले को प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल दिया है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 3 Aug 2026, 10:54 AM IST

प्रशांत किशोर -नीरज सिन्हा

प्रशांत किशोर -नीरज सिन्हा

Bankipur Bypoll Result: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को हुए मतदान की मतगणना जारी है और शुरुआती तीन राउंड की गिनती में जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर बीजेपी उम्मीदवार से आगे चल रहे हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर आरजेडी की रेखा गुप्ता को करीब 52 हजार वोटों से हराया था। उस समय 41.35 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार उपचुनाव में महज 34 प्रतिशत वोटिंग हुई। कम मतदान के कारण शुरू से ही इस सीट पर कांटे की टक्कर की संभावना जताई जा रही थी।

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज ने प्रशांत किशोर और आरजेडी ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया। प्रशांत किशोर के पहली बार चुनावी मैदान में उतरने और बीजेपी के पूर्व विधायक नितिन नबीन के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा जाने से यह सीट बेहद हाई-प्रोफाइल बन गई। राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इस मुकाबले को त्रिकोणीय बताया था।

प्रशांत किशोर की सियासी अग्निपरीक्षा

बांकीपुर सीट से बीजेपी के नितिन नबीन विधायक थे। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराना पड़ा। पांच जुलाई को जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी की घोषणा की थी। इसके साथ ही यह उपचुनाव पूरे बिहार की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाई बन गया।

इससे पहले नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने राज्य की लगभग सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी। इतना ही नहीं, 238 में से 236 उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए थे। ऐसे में बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर से प्रशांत किशोर का चुनाव लड़ना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना गया।

बीजेपी ने बदला उम्मीदवार, झोंकी पूरी ताकत

प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने के बाद यह उपचुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। पार्टी ने अपना गढ़ बचाने के लिए 40 स्टार प्रचारकों के साथ एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को भी प्रचार में उतारा। इतना ही नहीं, बीजेपी ने अंतिम समय में अपना उम्मीदवार भी बदल दिया। पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने 10 जुलाई को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नामांकन वापस ले लिया। जबकि कुछ घंटे पहले तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनके पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया।

डेटा बनाम संगठन की दिलचस्प जंग

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, बांकीपुर का यह उपचुनाव दो अलग-अलग चुनावी मॉडलों की टक्कर बन गया। एक ओर जन सुराज का डेटा, रिसर्च और प्रोफेशनल्स पर आधारित आधुनिक चुनावी अभियान था, तो दूसरी ओर बीजेपी का मजबूत संगठन, कैडर और बूथ स्तर तक फैला चुनावी नेटवर्क। सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने बीजेपी और आरजेडी के नाराज वोटरों को साधने की रणनीति अपनाई। उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर, नीट छात्रा हत्याकांड और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर बीजेपी के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की। इसके साथ ही उन्होंने विकास को भी चुनावी मुद्दा बनाया। चुनाव प्रचार के दौरान कई स्थानों पर एनडीए नेताओं को विरोध का सामना भी करना पड़ा। हालांकि बूथ प्रबंधन, संगठनात्मक मजबूती और परंपरागत वोट बैंक के मामले में बीजेपी की बढ़त साफ दिखाई दी।