
चिराग पासवान के साथ हुलास पांडेय (बाएं) और चिराग पासवान के साथ सीमांत मृणाल (दाएं)
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (MLC) की 9 सीटों और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने की वजह से रिक्त हुई सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल बढ़ी हुई है। 18 जून को होने वाले मतदान के लिए सभी दल जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। इसी बीच संभावना जताई जा रही कि पहली बार चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की पहली बार विधान परिषद में एंट्री हो सकती है, जिसके लिए दो नामों की मुख्य रूप से चर्चा है।
NDA के भीतर सीटों के बंटवारे के गणित को लेकर आ रही खबरों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने कोटे से एक सीट चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) को दे सकती है। 243 सदस्यों वाले विधानसभा में इस वक्त NDA के कुल 202 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए 25 विधायकों के प्राथमिक मतों की आवश्यकता होती है। ऐसे में संख्या बल के आधार पर एनडीए 9 सीटों पर अपनी जीत तय मान कर चल रही है।
LJP (रामविलास) के कोटे में एक सीट आने की पूरी संभावना है। हालांकि, उच्च सदन जाने के लिए पार्टी में दो नामों को लेकर अटकलें चल रही हैं, लेकिन सबसे आगे और सबसे मजबूत दावेदार चिराग पासवान के भांजे और पार्टी के युवा विंग के नेता सीमांत मृणाल नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि चिराग पासवान ने इस युवा नेता को विधान परिषद भेजने का मन पहले ही बना लिया है। हालांकि, इस रेस में पार्टी के वरिष्ठ और बाहुबली नेता हुलास पांडेय को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सीमंत मृणाल को राजनीति विरासत में मिली है, वो बिहार के एक कद्दावर दलित नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राम विलास पासवान के परिवार के सबसे युवा नेता हैं। वे राम विलास पासवान की पहली पत्नी की सबसे बड़ी बेटी आशा पासवान के बेटे हैं। उनके पिता धनंजय पासवान उर्फ मृणाल पासवान भी बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
LJP (राम विलास) के युवा विंग में अत्यधिक सक्रिय रहने वाले सीमंत मृणाल को चिराग पासवान ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान सारण जिले की गरखा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें राजद उम्मीदवार के सामने हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में वे पार्टी के सबसे प्रमुख युवा चेहरों में से एक हैं और उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.2 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
बाहुबली हुलास पांडेय बिहार की राजनीति में एक प्रभावसाली हस्ती है। वे पहले भी नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से विधान परिषद (MLC) के सदस्य रह चुके हैं। हुलास पर कई तरह के आरोप हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी, रंगदारी, संगठित अपराध और यहां तक कि अवैध हथियारों की तस्करी भी शामिल है। बक्सर और भोजपुर जिले में उनका काफी दबदबा है और उनका कारोबारी साम्राज्य पूरे शाहाबाद क्षेत्र में फैला हुआ है। CBI ने रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर नाथ उर्फ मुखिया जी की 2012 में हुई हत्या के मामले में हुलास पांडेय को मुख्य आरोपी बनाया है।
Updated on:
28 May 2026 02:01 pm
Published on:
28 May 2026 02:01 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
