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CBSE स्कूलों में अब पढ़ाई जाएगी मैथिली, फैसले से गदगद हुए सीएम सम्राट चौधरी; पीएम नरेंद्र मोदी का जताया आभार

Maithili language in CBSE School: केंद्र सरकार ने सीबीएसई के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से लेकर माध्यमिक स्तर तक मैथिली को मातृभाषा विषय के रूप में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले से गदगद सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। 

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पटना

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Anand Shekhar

May 25, 2026

Bihar CM Samrat Choudhary

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Maithili language in CBSE School:बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भाषाई गौरव और सदियों पुरानी पहचान के संबंध में एक सचमुच ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से लेकर माध्यमिक स्तर तक मैथिली को एक मातृभाषा विषय के रूप में शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपार खुशी व्यक्त की है। सीएम सम्राट चौधरी ने इस निर्णय को मिथिलांचल के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।

शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने पत्र लिखकर दी जानकारी

इस ऐतिहासिक फैसले के संबंध में आधिकारिक जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दरभंगा से BJP लोकसभा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को संबोधित एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी। अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सांसद गोपाल जी ठाकुर द्वारा 8 फरवरी 2026 को शिक्षा मंत्रालय को सौंपे गए प्रस्तावों और सुझावों पर सकारात्मक रूप से संज्ञान लिया गया है। CBSE ने मंत्रालय को सूचित किया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मैथिली विषय को माध्यमिक स्तर तक CBSE पाठ्यक्रम में पूरी तरह से शामिल कर दिया गया है। इसके साथ ही, मैथिली भाषा का विस्तृत पाठ्यक्रम भी सीबीएसई की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट पर लाइव कर दिया गया है।

सीएम सम्राट चौधरी ने बताया ऐतिहासिक फैसला

इस फैसले के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, 'मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है। यह निर्णय न केवल मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और अपनी जड़ों से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम भी बनेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी द्वारा साझा किए गए पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की अनुशंसा के तहत कक्षा 5 तक और यथासंभव कक्षा 8 तक विद्यार्थियों की मातृभाषा को ही पढ़ाई का मुख्य माध्यम बनाया जाना है। चूंकि मैथिली भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 प्रमुख भाषाओं में से एक है, इसलिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने इसे लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं।

NCERT ने मैथिली सहित 121 भारतीय भाषाओं में पढ़ाई के लिए बुनियादी सामग्री पूरी तरह से तैयार कर ली है। इसके अलावा, NCERT की मुख्य किताबों का मैथिली में तेजी से ट्रांसलेट किया जा रहा है, ताकि CBSE स्कूलों और विभिन्न राज्य शिक्षा बोर्डों को पढ़ाई-लिखाई में किसी भी तरह की रुकावट का सामना न करना पड़े।

सांसद गोपाल जी ठाकुर के लंबे संघर्षों की हुई बड़ी जीत

गौरतलब है कि दरभंगा के बीजेपी सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर लंबे समय से मैथिली भाषा को सीबीएसई के पाठ्यक्रम में शामिल कराने की मांग उठा रहे थे। उनके द्वारा फरवरी 2026 में सौंपे गए विशेष प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी की उच्च स्तरीय जांच के बाद आखिरकार इस मांग को पूर्ण रूप से हरी झंडी दे दी गई। इस फैसले के बाद अब सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले मिथिलांचल के लाखों बच्चे अपनी मूल मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।