25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गैंगस्टर के घर पुलिस की तलाशी पर मंत्री का अजीब बयान, बोले- खुद को चेक कराना पुलिस का नियम

Bihar Police Viral Video Controversy: गैंगस्टर सोनू-मोनू गैंग के घर छापेमारी के दौरान पुलिस वालों की तलाशी लिए जाने के मामले में मंत्री सुनील कुमार ने अजीबोगरीब बयान दिया है। मंत्री ने दलील दी है कि नियम के तहत रेड से पहले पुलिस को खुद की तलाशी देनी होती है।

3 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

May 25, 2026

minister sunil kumar on bihar police viral video controversy

पुलिस की तलाशी मामले में मंत्री का अजीब बयान

Bihar Police Viral Video Controversy: बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत नौरांगा जलालपुर गांव में कुख्यात सोनू-मोनू गैंग के घर छापेमारी करने पहुंची बिहार पुलिस को खुद अपराधियों के गुर्गों के सामने लाइन लगाकर अपनी तलाशी देनी पड़ी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पटना एसएसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए दो थानों के प्रभारियों (SHOs) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं अब बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार ने इस मामले में एक अजीब बयान दिया है।

क्या कहा मंत्री सुनील कुमार ने?

इस पूरे मामले पर जब सोआर को बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। खुद एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (पूर्व आईपीएस) रह चुके मंत्री सुनील कुमार ने पुलिस का बचाव करते हुए दलील दी।

उन्होंने कहा, 'नियम के तहत जब कोई किसी की तलाशी लेने जाता है, तो पहले खुद की तलाशी देनी होती है। पुलिस कहीं भी रेड के लिए जाती है तो ये नियम है कि वो अपनी तलाशी देती है। जिसके घर गए हैं, उन्हें ये जानने का अधिकार है कि पुलिस के पास कोई संदिग्ध सामान तो नहीं है। जिस तरह से इस मामले को दिखाया जा रहा है, वैसी कोई बात नहीं है। अगर कोई गलत काम किया है तो कार्रवाई होगी। वहां पुलिस वालों को क्यों सस्पेंड किया गया है, इसे वहां के अफसर देख रहे होंगे।'

अगर नियम था, तो SSP ने 2 SHO को क्यों किया सस्पेंड?

मंत्री जी के इस बयान के बाद सबसे बड़ा विरोधाभास पुलिस के अपने एक्शन से पैदा हो गया है। अगर अपराधियों के घर के बाहर पुलिस की तलाशी होना एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया या नियम था, तो फिर पटना के सीनियर एसपी (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने 2 थाना प्रभारी को सस्पेंड करने जी कार्रवाई क्यों की? बता दें कि पटना एसएसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुए पंचमहला थाना प्रभारी कुंदन कुमार और हाथीदह थाना प्रभारी रंजन कुमार को घोर लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता के आरोप में रविवार को सस्पेंड किया है।

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ था विवाद, गैंगस्टर ने की थी फायरिंग

यह पूरी घटना शनिवार (23 मई) शाम की है, जिसकी पटकथा दो दिन पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट से लिखी गई थी। मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के कट्टर समर्थक और स्थानीय पैक्स अध्यक्ष मुकेश सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने इलाके में पुलिस की मुस्तैदी की तारीफ करते हुए लिखा था कि अब क्षेत्र में कानून का राज रहेगा और गुंडे खत्म होंगे।

यह पोस्ट कुख्यात सोनू और मोनू के पिता प्रमोद सिंह को इतनी नागवार गुजरी कि शनिवार शाम को प्रमोद सिंह ने मुकेश सिंह को सरेआम टोक दिया। दोनों के बीच तीखी बहस होने लगी। इसी बीच प्रमोद सिंह का बेटा गैंगस्टर सोनू अपने 5-6 हथियारबंद गुर्गों के साथ वहां पहुंच गया और सोनू के सहयोगी ने मुकेश सिंह पर सीधे दो राउंड फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में मुकेश सिंह बाल-बाल बच गए।

गेट पर रोका और पुलिस की ली तलाशी

फायरिंग की घटना के बाद मुकेश सिंह की शिकायत पर सोनू-मोनू और उनके गुर्गों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। केस दर्ज होते ही पंचमहला और हाथीदह थानों की पुलिस टीम आनन-फानन में आरोपियों को दबोचने के लिए उनके पैतृक आवास पर छापेमारी करने पहुंची। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों कुख्यात भाई वहां से रफूचक्कर हो चुके थे।

घर पर मौजूद गैंग के समर्थकों और महिलाओं ने पुलिस टीम को मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद जो हुआ, उसने बिहार पुलिस के इकबाल की धज्जियां उड़ा दीं। महिलाओं और गैंग के गुर्गों ने पुलिस अधिकारियों के सामने शर्त रख दी कि घर के अंदर जाना है तो पहले खुद की तलाशी दो। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बिहार पुलिस के जवान और दोनों थानों के कप्तानी अधिकारी चुपचाप लाइन में खड़े हैं और गिरोह के लोग उनकी जेबें और शरीर टटोल रहे हैं।

इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि तलाशी के दौरान घर की एक महिला ने एक थाना प्रभारी को अपना मोबाइल फोन थमाया, जिस पर फरार चल रहे गैंगस्टर मोनू ने सीधे पुलिस अधिकारी से बात की और कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।

डिप्टी सीएम ने दी सख्त चेतावनी, अपराधियों की तलाश तेज

मंत्री सुनील कुमार के इस नरम रुख के उलट बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि याद रखियेगा, अब पुलिस इन अपराधियों का क्या हश्र करेगी। अगर कोई भी पुलिस के साथ ऐसी बदतमीजी या दुस्साहस करेगा, तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा। पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।