
मंत्री दिलीप जायसवाल और बाहुबली विधायक अनंत सिंह
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू हुए अब एक दशक हो चुके हैं और एक बार फिर से यह मुद्दा सुर्खियों में है। हाल ही में जेल से बाहर आए मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह द्वारा शराबबंदी खत्म करने की मांग उठाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर अब बिहार सरकार में मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए बाहुबली विधायक को सार्वजनिक रूप से नसीहत दे डाली है। जायसवाल ने कहा है कि किसी भी विषय पर बोलने से पहले उसके सकारात्मक पहलुओं को भी देखना चाहिए।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद जब से अनंत सिंह जेल से बाहर आए हैं, वो सुर्खियों में बने हुए हैं। अब उन्होंने शराबबंदी कानून को लेकर बयान दिया। अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शराबबंदी जिस उद्देश्य से लागू की गई थी, वह पूरा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि राज्य में शराब की तस्करी बढ़ गई है और लोग आज भी चोरी-छिपे शराब पी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शराब न मिलने के कारण युवा पीढ़ी अब 'सूखे नशे' (स्मैक और ड्रग्स) की गिरफ्त में जा रही है, जो समाज के लिए ज्यादा घातक है।
अनंत सिंह के बयान पर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अनंत सिंह का नाम लिए बिना कहा, 'कौन क्या बोलता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। शराबबंदी कानून से समाज को कितना फायदा हुआ है, पहले लोगों को यह समझना चाहिए।' उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन, किसी भी नेता को बोलने से पहले शराबबंदी की अच्छाइयों और उससे आए सामाजिक बदलाव पर चर्चा करनी चाहिए। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि कानून को और बेहतर कैसे बनाया जाए, न कि उसे खत्म करने पर।
इस दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक कड़वी सच्चाई को भी स्वीकार किया। उन्होंने माना कि शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य में सूखा नशा का चलन वाकई बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शराबबंदी और सूखा नशा दो अलग विषय हैं और सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी मौके पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बिहार में अपराध पर बात करनी होती है, तो तेजस्वी केरल घूम रहे होते हैं और वहां से लौटकर सिर्फ अखबार की सुर्खियां देखकर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की 14 करोड़ आबादी में अपराधी चाहे कोई भी हो, वह कानून की पहुंच से बाहर नहीं रह सकता।
Updated on:
01 Apr 2026 06:53 pm
Published on:
01 Apr 2026 06:53 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
