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‘गैस की जगह कोयला दे रही सरकार’, रोहिणी आचार्य का सरकार पर तंज; विकास को बताया रिवर्स गियर

PDS दुकानों पर कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने के बिहार सरकार के फैसले से राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस फ़ैसले को लेकर डबल-इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है।

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पटना

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Anand Shekhar

Apr 23, 2026

सम्राट चौधरी और रोहिणी आचार्य

सम्राट चौधरी और रोहिणी आचार्य

Bihar Politics:बिहार की सम्राट चौधरी सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों को पीडीएस दुकानों के माध्यम से कोयला उपलब्ध कराने के फैसले पर राजनीति गरमा गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई प्रहार करते हुए इसे केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी विफलता बताया है।

उलटी रफ्तार वाली डबल इंजन सरकार

रोहिणी आचार्य ने एनडीए सरकार के विकास के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि यह सरकार जनता को आगे ले जाने के बजाय पीछे की ओर धकेल रही है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'देखिए रिवर्स गियर वाला विकास.. गाल बजाऊ फेल डबल इंजन की सरकार ने पकड़ी उलटी रफ्तार, गैस सिलेंडर की जगह जनता को मिलने जा रहा कोयले का उपहार।'

दावों और हकीकत में भारी विरोधाभास

रोहिणी ने प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार के मंत्रियों, एनडीए-भाजपा शासित प्रदेश के सभी सीएम और मंत्री के उन दावों पर सवाल उठाया, जिनमें कहा जा रहा है कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने पूछा कि अगर सप्लाई सुचारू है, तो फिर बिहार सरकार को राशन की दुकानों पर कोयला बेचने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार उज्ज्वला योजना का ढोल पीटती है और दूसरी तरफ जनता को धुएं वाले कोयले की ओर भेज रही है।

रोहिणी आचार्य ने कहा कि गैस की उपलब्धता है और इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा करने वालों में बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर अपने ही बयानों और दावों के विपरीत बिहार सरकार अब जनता को कोयला उपलब्ध करा रही है और लोगों से इसका इस्तेमाल करने का आग्रह कर रही है, जो आम जनता की रसोई और उनके घरों से वर्षों पहले विलुप्त हो चुकी थी।

नाकामी छिपाने बहाना ढूंढती है सरकार

रोहिणी आचार्या ने इस स्थिति को तथाकथित गुजरात मॉडल से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी यह सरकार विफल होती है, तो अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए नेहरू, इंदिरा और लालू जी के दौर का बहाना ढूंढती है। उन्होंने इसे 'झूठा ढोल पिटवा गवर्नेंस' करार दिया, जो जनता के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय उन्हें पुराने दौर की मुश्किलों में वापस ढकेल रहा है।

क्या है सरकार का फैसला?

बता दें कि बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने हाल ही में जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को पीडीएस दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। यह कदम राज्य में रसोई गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच एक वैकल्पिक समाधान के रूप में उठाया गया है।