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खान सर का ड्रीम प्रोजेक्ट चकनाचूर! 1000 एकड़ में बनने वाली यूनिवर्सिटी का प्लान कैंसिल? बेच रहे करोड़ों की जमीन

पटना के जाने-माने शिक्षक खान सर का 1,000 एकड़ में एक मॉडर्न यूनिवर्सिटी बनाने का सपना फिलहाल के लिए कैंसिल हो गया है। खान सर ने बताया कि उन्हें इतना टॉर्चर किया कि उन्हें कोइलवर में अपनी करोड़ों की जमीन बेचने और प्रोजेक्ट को वहां से शिफ्ट करने का मुश्किल फ़ैसला करना पड़ा।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 22, 2026

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खान सर बेच रहे जमीन (सांकेतिक तस्वीर )

Khan Sir University: बिहार की राजधानी पटना से सटे भोजपुर जिला के कोइलवर में डेवलपमेंट की एक बड़ी उम्मीद को झटका लगा है। पटना के एक जाने-माने टीचर खान सर ने खुलासा किया है कि जिस इलाके को वह एजुकेशन हब बनाना चाहते थे, वहां के कुछ लोगों के असहयोग और बहुत ज्यादा लालच की वजह से अब वो प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया है। खान सर ने बताया कि कोइलवर के पास 1000 एकड़ की मेगा यूनिवर्सिटी का उनका सपना फिलहाल के लिए रोक दिया गया है।

खान सर ने यह भी बताया कि वह अब वह जमीन भी बेच रहे हैं जो उन्होंने यूनिवर्सिटी के लिए पहले ही खरीद ली थी। खान सर के मुताबिक, यह सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि एक पूरा 'स्टूडेंट सिटी' मॉडल था। प्लान था कि एक ही कैंपस में लगभग 25,000 स्टूडेंट्स को रखा जाए। कैंपस में हॉस्टल, एकेडमिक ब्लॉक, एक रिसर्च सेंटर, एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एक मॉल भी बनेगा।

सपना था नेट-जीरो कैंपस का

खान सर ने बताया कि प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट पूरी तरह तैयार था। प्लान था कि कैंपस को नेट- जीरो मॉडल पर डेवलप किया जाएगा, मतलब बिजली के लिए सरकार पर डिपेंड रहने की जरूरत नहीं होगी। पूरा सिस्टम सेल्फ-सफिशिएंट होना था। इसके अलावा, MBA स्टूडेंट्स कैंपस के अंदर मॉल और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभालते, ताकि वे एकेडमिक नॉलेज के साथ-साथ रियल-वर्ल्ड बिजनेस भी सीख सकें।

खान सर का कहना है कि इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी अपने आप में एक शहर बन जाती। अगर 25,000 स्टूडेंट्स एक साथ एक एरिया में रहते हैं, तो आस-पास का डेवलपमेंट अपने आप तेज हो जाता है। पटना से सटे कोइलवर एरिया का इस प्रोजेक्ट से काफी डेवलपमेंट हो सकता था।

मार्केट रेट से ज्यादा दिया, फिर भी बदले हालात

खान सर के अनुसार, शुरुआती चरण में जमीन मालिकों से बातचीत हो चुकी थी और कई जगहों पर मार्केट रेट से अधिक कीमत देकर सौदा तय किया गया था। एडवांस राशि भी दे दी गई थी। लगभग 10-15 एकड़ ज़मीन का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा हो चुका था, जबकि बाकी जमीन का रजिस्ट्रेशन टाइम की कमी की वजह से पेंडिंग था।

लेकिन, जैसे ही इलाके में यह खबर फैली कि वहां एक बड़ी यूनिवर्सिटी बनने वाली है, जमीन की कीमतें अचानक कई गुना बढ़ गईं। खान का आरोप है कि कुछ जमीन मालिकों ने तय कीमत पर रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया और 8 से 10 गुना ज़्यादा कीमत मांगने लगे। उन्होंने कहा कि भले ही मार्केट रेट से ज़्यादा पेमेंट पहले ही किया जा चुका था, लेकिन बाद में हालात इतने मुश्किल हो गए कि प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया।

इतना टॉर्चर हुआ कि प्लान कैंसिल करना पड़ा- खान सर

वीडियो में, खान सर ने कहा कि उन्हें इतना मेंटल प्रेशर और परेशानी हुई कि आखिरकार उन्हें प्लान कैंसिल करना पड़ा। उन्होंने साफ कहा कि उनका सपना वहां एक यूनिवर्सिटी बनाना था, लेकिन हालात ने उन्हें प्रोजेक्ट कैंसिल करने पर मजबूर कर दिया। यहां तक ​​कि उनके नाम पर जो जमीन रजिस्टर्ड थी, उसे भी बेचने का फैसला किया गया। उन्होंने दावा किया कि वह किसी का एक भी रुपया नहीं रखते हैं और न ही वह किसी को अपना एक भी रुपया रखने देते हैं।

नई जगह बनेगी यूनिवर्सिटी

कोइलवर में प्रोजेक्ट कैंसिल होने के बावजूद, खान सर ने साफ किया कि उनका सपना खत्म नहीं हुआ है, उनका सपना अभी भी जिंदा है। अब वे यूनिवर्सिटी कहीं और बनाएंगे। वे नई जगह पर यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार लोकेशन पब्लिक नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि पहले लीक हुई खबर से ज़मीन की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई, जिसका असर पूरे प्रोजेक्ट पर पड़ा। इसलिए, इस बार पूरी प्रक्रिया को कॉन्फिडेंशियल रखा जाएगा।

खान सर ने बताया कि वे नई जगह पर अलग-अलग लोगों के नाम पर जमीन खरीदेंगे और फिर उसे अपने नाम पर ट्रांसफर कर लेंगे। उन्होंने बताया कि अगर जमीन सीधे अपने नाम पर खरीदी जाती है, तो रजिस्ट्रेशन के समय सरकार को 10 परसेंट तक स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी। अगर बाद में ट्रांसफर की जरूरत पड़ती है, तो वही खर्च फिर से उठाना होगा। इससे प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदने का खर्च बढ़ जाएगा, लेकिन प्रोजेक्ट सुरक्षित रहेगा, ज़मीन के मालिक मनमानी कीमत नहीं मांगेंगे।