
रोते-रोते शिवचंद्र राम ने दिया था इस्तीफा
Shivchandra Ram resignation: राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने पूर्व मंत्री और RJD के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। पार्टी नेतृत्व के इस फैसले और वरिष्ठ नेताओं की बातचीत के बाद अब यह साफ हो गया है कि शिवचंद्र राम राजद के साथ बने रहेंगे और अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां पहले की तरह ही निभाते रहेंगे।
इस पूरे विवाद की शुरुआत बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए टिकट न मिलने के बाद हुई थी। शिवचंद्र राम को उम्मीद थी कि पार्टी इस बार उन्हें उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन उन्हें तब गहरा झटका लगा जब सुनील कुमार सिंह ने राजद के MLC उम्मीदवार के तौर पर सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इसके बाद, शिवचंद्र राम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जहां सबके सामने उनका दर्द छलक पड़ा।
पार्टी के भीतर अनदेखी और सम्मान न मिलने का आरोप लगाते हुए शिवचंद्र राम प्रेस कांफ्रेंस में ही भावुक हो गए और कैमरों के सामने फूट-फूट कर रोने लगे। इस दौरान उन्होंने राजद के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने लालू और तेजस्वी पर अपने वादे से मुकरने का आरोप भी लगाया। बाद में अचानक उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। जहां इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ।
शिवचंद्र राम के बाद राज का शीर्ष नेतृत्व डैमेज-कंट्रोल मोड में आ गया। पार्टी के मुख्य सचेतक सर्वजीत पासवान ने कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शिवचंद्र राम से विस्तार से बातचीत की। नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया कि लालू परिवार और पूरी पार्टी उनके साथ ह, और आखिरकार वे नाराज नेता को मनाने में सफल रहे।
RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवचंद्र राम सामाजिक न्याय के पक्के समर्थक हैं और पार्टी की विचारधारा में अटूट विश्वास रखते हैं। शक्ति सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया है और वे पहले की तरह ही संगठन के लिए ज़ोर-शोर से काम करते रहेंगे।
Updated on:
09 Jun 2026 01:54 pm
Published on:
09 Jun 2026 01:54 pm
