
रोहिणी आचार्य और लालू प्रसाद (Photo-IANS)
Lalu Yadav Singapore Visit: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर विदेश यात्रा पर जाने की तैयारी में हैं। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता और वर्तमान में मेडिकल ग्राउंड पर जमानत पर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को रांची कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके तिवारी की अदालत ने लालू यादव की मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए उन्हें इलाज और रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति दे दी है।
इसके साथ ही कोर्ट ने उनका लंबे समय से फ्रीज पड़ा पासपोर्ट भी तुरंत रिलीज करने का आदेश जारी किया है। अदालती हरी झंडी मिलने के बाद अब बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा बेहद तेज हो गई है कि क्या लालू यादव इस मेडिकल दौरे के बहाने अपनी रूठी हुई बेटी रोहिणी आचार्य को मनाने की कोशिश करेंगे?
दरअसल, लालू प्रसाद यादव की ओर से रांची सिविल कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर सिंगापुर जाने और पासपोर्ट रिलीज करने की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट को दी गई इस याचिका में बताया गया कि दिसंबर 2022 में सिंगापुर के सुप्रसिद्ध माउंट एलीजाबेथ अस्पताल में लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। अब वहां के डॉक्टरों ने उन्हें रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए 1 जून के बाद बुलाया है।
लालू यादव की उम्र और उनके स्वास्थ्य की वजह से यह विदेश यात्रा बेहद जरूरी है। अदालत ने इन तमाम मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राजद सुप्रीमो को बड़ी राहत प्रदान की है। माना जा रहा है कि पासपोर्ट हाथ में आने के बाद जून के पहले सप्ताह में ही लालू यादव सिंगापुर के लिए रवाना हो सकते हैं।
लालू यादव के इस दौरे के बीच बिहार के सियासी गलियारों में एक दूसरी चर्चा ने भारी तूल पकड़ लिया है। माना जा रहा है कि लालू यादव सिंगापुर में सिर्फ अपनी सेहत का हाल ही नहीं लेंगे, बल्कि अपने परिवार के अंदरूनी कलह को भी सुलझाने की कोशिश करेंगे। सूत्रों और सियासी अटकलों के मुताबिक, लालू यादव वहां अपनी लाडली बेटी रोहिणी आचार्य को मनाने का प्रयास कर सकते हैं।
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार की वजह से रोहिणी आचार्य भाई तेजस्वी यादव के फैसलों व उनके करीबी सलाहकारों की वजह से नाराज थीं। जिसे लेकर परिवार में काफी विवाद हुआ था। जिसके बाद रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव के खास सलाहकार राज्यसभा सांसद संजय यादव और रमीज नेमत खान पर कई आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं रोहिणी ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया था कि वो राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ रही हैं। जिसके बाद वो अपने मायके और बिहार की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर वापस सिंगापुर लौट गई थीं।
बता दें कि दिसंबर 2022 में जब लालू प्रसाद यादव की तबीयत बेहद नाजुक थी और वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे, तब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने ही अपनी एक किडनी दान देकर अपने पिता को नया जीवन दिया था। उस वक्त रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर लिखा था, 'मां-पिता मेरे लिए भगवान हैं। मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूं। आप सभी की शुभकामनाओं ने मुझे मजबूत बनाया है। मैं सभी का दिल से आभार प्रकट करती हूं।'
Published on:
24 May 2026 07:53 am
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