
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (फोटो-फ़ेसबुक)
बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक बड़ा दावा किया है। पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कोई जाना-माना या मशहूर चेहरा नहीं होगा, बल्कि भाजपा किसी ऐसे व्यक्ति को कुर्सी पर बिठाएगी, जिसका नाम अब तक चर्चाओं में सामने भी नहीं आया है।
सीएम पद की दौड़ में फिलहाल उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सबसे आगे माना जा रहा है। जिस पर तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा, 'आप लोग बार-बार यह चर्चा क्यों करते हैं कि सीएम कौन बनेगा? जिसे कोई नहीं जानता, वही मुख्यमंत्री बनेगा। बिहार में अनुकंपा पर ही तो सीएम बनना है। भाजपा कभी भी किसी मजबूत व्यक्ति को मौका नहीं देगी। बीजेपी की हमेशा से यही रणनीति रही है कि जिस किसी का नाम सार्वजनिक चर्चाओं में उभरने लगता है, उसे किनारे कर दिया जाए।'
भाजपा पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने आगे कहा कि बिहार की नई सरकार पूरी तरह से दिल्ली से नियंत्रित होगी और मुख्यमंत्री केवल एक नाममात्र का मुखिया होगा, जिसका काम सिर्फ आदेशों का पालन करना होगा। पप्पू यादव के अनुसार असली फैसले पटना से नहीं, बल्कि दिल्ली से ही लिए जाएंगे।
पप्पू यादव ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि इस समय बिहार को एक ऐसे नेता की जरूरत है जो सरल, विनम्र और अच्छी तरह से पढ़ा-लिखा हो। पप्पू यादव के अनुसार, निशांत कुमार जातिवाद या हिंदू-मुस्लिम विभाजन की राजनीति में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने उन्हें एक पढ़ा-लिखा, समझदार व्यक्ति बताया, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में सक्षम है।
पप्पू यादव ने आगे कहा कि चूंकि 2025 के चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के चेहरे पर ही जनादेश दिया था इसलिए उनके जाने के बाद मुख्यमंत्री का पद सही तौर पर जदयू के पास ही रहना चाहिए और इस भूमिका के लिए निशांत सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा, 'इस बात की जांच जरूर होनी चाहिए कि मुख्यमंत्री को कौन सी दवा दी जा रही है और उनके इलाज की देखरेख कौन कर रहा है। वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों से सलाह क्यों नहीं ली जा रही है? जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है।' पप्पू यादव ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को अभी बिहार नहीं छोड़ना चाहिए था क्योंकि जनता ने उन्हें ही जनादेश दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक 14 अप्रैल को होने की संभावना है, जिसके बाद मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि 15 अप्रैल को BJP के नेतृत्व में एक नई सरकार शपथ ले सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
Published on:
12 Apr 2026 06:07 pm
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