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देर रात पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, सांसद बोले- मारने आए हैं, रात में कहीं नहीं जाऊंगा

पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 35 साल पुराने धोखाधड़ी के एक मामले में कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार रात पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके आवास पहुंची, जिसके बाद जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 06, 2026

पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पटना पुलिस

पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पटना पुलिस

पटना पुलिस की एक टीम शुक्रवार देर रात पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ ​​पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची। पटना की एक स्पेशल कोर्ट ने करीब 35 साल पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पप्पू यादव और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ संपत्ति अटैच करने और जब्त करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद पुलिस टीम सांसद के मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। हालांकि, पुलिस को इस कार्रवाई का तीखा विरोध देखने को मिला। पप्पू यादव के समर्थकों ने उनके आवास को चारों ओर से घेर लिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

जानकारी के अनुसार, सांसद आज ही दिल्ली से पटना लौटे थे। जिसके बाद शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस टीम पप्पू यादव के घर पहुंची और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें अपने साथ चलने को कहा। सांसद ने साफ इनकार कर दिया और कहा, “मैं रात में कहीं नहीं जाऊंगा। आप सुबह आइए, तब मैं जाऊंगा। मुझे पहले से पता था कि जो मुद्दे मैं उठा रहा हूं, उनका यही नतीजा होगा।”

पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई उन्हें डराने और नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा, “क्या आधी रात को सादे कपड़ों में पुलिस भेजना कानून का राज है? मुझे डर है कि मुझे गोली मार दी जाएगी।”

पप्पू यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने लिखा, "गौर से देखिए इस रेड जैकेट वाले को, खुद को इंस्पेक्टर बता रहे हैं और रात के साढ़े 10 बजे कमर में पिस्टल बांध कर मुझे अरेस्ट करने आए हैं। नाम दीपक बता रहा है। कह रहे हैं कानून का पालन कीजिए। अगर ये पुलिस हैं, तो इन्हें ये बताना चाहिए कि कौन सा कानून कहता है कि आप रात में सिविल ड्रेस में आकर लोकसभा सदस्य के साथ अपराधियों जैसा सुलूक करें। जबकि मुझे कोर्ट ने बुलाया है और कोर्ट के आदेश का पालन करने, मैं सदन की कार्यवाही खत्म होते ही आया हूं।"

पप्पू यादव ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "खुद को इंस्पेक्टर बताने वाला दीपक बिना वारंट लाए, बेहूदगी के साथ कह रहा है कि चलिए। नीतीश कुमार जी और सम्राट चौधरी जी, ये कानून का राज है? आखिर आपराधिक व्यवहार करने वाले इस मनचले को इतनी शक्ति कौन दे रहा है? यह बेहद शर्मनाक है सम्राट बाबू।"

पप्पू यादव इसके बाद लिखते हैं, "बहुत शानदार बिहार पुलिस , हम NEET छात्रा के लिए न्याय की लड़ाई लड़े, तो बिहार पुलिस के पेट में दर्द हो गया। माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी और देश के माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी, देख लीजिए किस तरह बिहार की पुलिस मुझे मारने आई थी। मगर, बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके रहेंगे! जेल भेजो या फांसी दो पप्पू रुकेगा नहीं।"

क्या है 35 साल पुराना मामला?

यह पूरा विवाद 1995 के एक मामले से जुड़ा है। विनोद बिहारी लाल नाम के एक व्यक्ति ने पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके साथियों ने धोखे से उनका घर किराए पर लिया था। मकान मालिक का दावा है कि किराए पर लेते समय यह बात छिपाई गई थी कि घर का इस्तेमाल सांसद के ऑफिस के तौर पर किया जाएगा। यह मामला कुछ समय से कोर्ट में चल रहा है।