7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दारोगा जी को 7,000 रुपये पड़े भारी, चाय की दुकान पर विजिलेंस ने किया ट्रैप; रंगे हाथ दबोचे गए SI अनिल सिंह

मधेपुरा में विजिलेंस की टीम ने सब इंस्पेक्टर अनिल सिंह को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस की टीम ने अनिल सिंह को चाय की दुकान पर ट्रैप किया जब वो 7000 रुपये ले रहे थे। 

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Apr 07, 2026

bihar news, madhepura police, vigilance raid

पुरैनी थाना, मधेपुरा

Bihar News:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने मधेपुरा जिले में एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के पुरैनी पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) सह प्रभारी थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अधिकारी एक जमीन विवाद से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में जांच रिपोर्ट जमा करने के बदले में यह रकम मांग रहा था।

चाय की दुकान पर बिछाया गया जाल

विजिलेंस ब्यूरो का यह ऑपरेशन मंगलवार सुबह लगभग दस बजे अंजाम दिया गया। जब पूरा इलाका अपने-अपने काम में लगा हुआ था, तभी सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने शिकायतकर्ता को पैसे देने के लिए पुलिस स्टेशन के ठीक पास स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया। लेकिन उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि विजिलेंस ब्यूरो की एक विशेष टीम पहले से ही सादे कपड़ों में घात लगाए वहां बैठी थी। इस टीम में DSP आसिफ इकबाल, इंस्पेक्टर निजामुद्दीन और इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह शामिल थे। जिस पल अधिकारी ने शिकायतकर्ता से 7,000 रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, टीम ने तुरंत उन्हें चारों ओर से घेर कर गिरफ्तार कर लिया।

दारोगा जी ने मांगे थे 10000 रुपये

यह पूरी घटना औरैया गांव से जुड़ी है। यहां के निवासी वशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा की जमीन से जुड़ा एक मामला अदालत में लंबित है, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 164 के तहत कार्रवाई चल रही है। इसी मामले के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने पुरैनी पुलिस स्टेशन से एक जांच रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले के लिए SI अनिल कुमार को ही जांच अधिकारी (IO) नियुक्त किया गया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिपोर्ट तैयार करने और उसे अनुकूल बनाने के नाम पर दारोगा लगातार 10 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। रिश्वत की लगातार मांगों से तंग आकर पीड़ित ने 20 मार्च को पटना में विजिलेंस ब्यूरो के पास एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम ने गुप्त तरीके से पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एक जाल बिछाकर अधिकारी को पकड़ने की योजना बनाई गई।

थाना का प्रभार संभाल रहे थे अनिल कुमार

जानकारी के अनुसार, पुरैनी के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) चंद्रजीत प्रभाकर पिछले चार दिनों से छुट्टी पर थे। जिस वजह से सब-इंस्पेक्टर (SI) अनिल कुमार पुलिस स्टेशन का प्रभार संभाल रहे थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद मामले की सूचना मधेपुरा के SP संदीप सिंह और SDPO अविनाश कुमार को दी गई। आरोपी को प्रारंभिक पूछताछ के लिए पुरैनी पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया और मेडिकल जांच के बाद उसे पटना ले जाया गया।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

विजिलेंस SP इकबाल मेहदी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने जनता से यह भी अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे डरें नहीं, बल्कि तुरंत विजिलेंस विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर ऐसे मामलों की सूचना दें।