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राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही सस्पेंस! क्या नितिन नबीन छोड़ेंगे मंत्री पद? कौन संभालेगा पथ निर्माण और आवास विभाग?

भाजपा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन के मंत्री पद को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। भाजपा के एक व्यक्ति-एक पद की नीति के चलते अब सवाल है कि क्या वे बिहार सरकार में मंत्री बने रहेंगे या नगर विकास और पथ निर्माण जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी किसी और को सौंपी जाएगी।
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पटना

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Anand Shekhar

•

Updated: 15 Dec 2025, 11:16 AM IST

BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन

BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन (Photo-IANS)

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को लेकर एक नया सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या अब उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा? और अगर ऐसा हुआ, तो नगर विकास एवं आवास तथा पथ निर्माण जैसे बेहद अहम विभाग किसके हाथ में जाएंगे? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि भाजपा में लंबे समय से एक व्यक्ति-एक पद की नीति लागू करने की बात कही जाती रही है।

राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद बढ़ा सस्पेंस

नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही उनका कद पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ गया है। यह पहली बार है जब बिहार के किसी नेता को भाजपा संगठन में इतनी बड़ी और प्रभावशाली जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब उन्हें अपना पूरा समय संगठन के काम में देना होगा, जिसके चलते मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल हो सकता है। भाजपा के भीतर यह परंपरा रही है कि बड़े संगठनात्मक पद पर रहते हुए सरकार में मंत्री पद नहीं रखा जाता।

एक व्यक्ति–एक पद की नीति कितनी होगी सख्त?

भाजपा औपचारिक तौर पर भले ही हर मामले में तुरंत फैसला न लेती हो, लेकिन “वन पर्सन–वन पोस्ट” का सिद्धांत पार्टी की कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है। नितिन नबीन के मामले में भी यही नीति लागू होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कोई तात्कालिक दबाव नहीं है, लेकिन आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल के दौरान यह फैसला लिया जा सकता है। यानी नितिन नबीन कुछ समय तक दोनों जिम्मेदारियां निभा सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा चलना मुश्किल माना जा रहा है।

नितिन नबीन के पास कौन-कौन से विभाग

वर्तमान में नितिन नबीन के पास बिहार सरकार के दो बेहद महत्वपूर्ण विभाग हैं, पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग। पथ निर्माण विभाग राज्य में सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का केंद्र है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का सालाना काम होता है। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग शहरी निकायों, स्मार्ट सिटी, आवास योजनाओं और शहरी विकास की रीढ़ माना जाता है। इन दोनों विभागों का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व इतना बड़ा है कि इन्हें किसी भी तरह हल्के में नहीं लिया जा सकता।

अगर नितिन नबीन हटे, तो किसे मिल सकती है जिम्मेदारी?

अगर नितिन नबीन मंत्री पद छोड़ते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये दोनों विभाग किसे दिए जाएंगे। सियासी संकेत यही हैं कि भाजपा इन विभागों को अपने पास ही रखना चाहेगी। ऐसे में पार्टी के किसी वरिष्ठ और भरोसेमंद चेहरे को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। पथ निर्माण विभाग पहले भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं जैसे नंदकिशोर यादव और विजय कुमार सिन्हा के पास रह चुका है, इसलिए पार्टी के पास विकल्पों की कमी नहीं है। नगर विकास विभाग भी पहले भाजपा के ही पास रहा है, जिससे जेडीयू के पास जाने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

फिलहाल क्या है तस्वीर?

फिलहाल नितिन नबीन मंत्री भी हैं और भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी। आधिकारिक तौर पर उनके इस्तीफे को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक संकेत साफ हैं कि राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद देर-सबेर उन्हें किसी एक पद का चयन करना पड़ सकता है।