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छत्तीसगढ़ के इस गौठान में 3 दिन के भीतर दर्जनों गायों की हो गई मौत, चील-कौए नोंच रहे लाश… जिम्मेदार कौन?

CG News: गोठान के भीतर कई मवेशियों की लाश पड़ी हुई है जिन्हें चील-कौए नोंच रहे हैं। मवेशियों को यहां रखकर मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है। गोठान में चारा-पानी का कोई इंतजाम नहीं है।

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गाय (फोटो सोर्स- Unsplash)

गाय (फोटो सोर्स- Unsplash)

CG News: ग्राम पंचायत महका के गौठान में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां गौठान के भीतर कई मवेशियों की लाश पड़ी हुई है जिन्हें चील-कौए नोंच रहे हैं।

मवेशियों को यहां रखकर मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है। गौठान में चारा-पानी का कोई इंतजाम नहीं है। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिन के भीतर गौठान में 15 के करीब गायों की मौत हो चुकी है। जिसमें से कुछ गायों के शव को गौठान में ही दबा दिया गया है।

रविवार को भी गौठान से एक तस्वीर सामने आई है जिसमें तीन मवेशियों का शव गोठान के भीतर नजर आ रहा था। इधर पंचायत का कहना है कि गौठान से पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है। गांव के कुछ किसान स्वयं से ही गौठान में मवेशियों को रख रहे हैं और मवेशी मर रहे हैं कि गांव वाले ही जिम्मेदार होंगे।

गौठानों को लावारिस छोड़ा

महका गौठान में जिस तरह ग्रामीणों के द्वारा गायों को रखने की बात सामने आ रही है, इससे साफ पता चल रहा है कि ग्रामीण अपनी फसलों को मवेशियों से बचाने कितने परेशान हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने गौठानों को लावारिश छोड़ दिया गया है। पंचायतों को किसी तरह संचालन का न तो दिशा-निर्देश दिया गया है और न चारा-पानी और संचालन के लिए कोई आर्थिक राशि दी जा रही है। ऐसे में पंचायतों ने भी गोठानाें को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। इसी का नतीजा है कि अपनी फसलों को बचाने ग्रामीण इस तरह के हथकंडे अपनाने मजबूर हो रहे हैं।

गौठान में गांव के किसान ही खुद से मवेशियाें को रख रहे हैं। गांव के करीब 50 से 100 किसानाें ने लिखित में दिया है कि गौठान का देखरेख वे करेंगे और फसल कटने तक मवेशियों को वहीं रखेंगे। चारा-पानी व देखरेख के लिए दो व्यक्ति भी रखा गया है। गौठान में अगर गायाें की मौत हो रही है तो रखने वाले ही जिम्मेदार हैं। - शांति नंदकिशोर खुंटे, सरपंच महका

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