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Bastar Hulki Dance: परंपरा की थाप पर थिरकता बस्तर… हुलकी नृत्य बना सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

Bastar Hulki Dance: जब मांदर की थाप पर थिरकते कदम और गीतों में गूंजती है परंपरा की आवाज़-तभी समझ आता है कि बस्तर में “हुलकी नृत्य” सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि संस्कृति की सांसें हैं।

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Bastar Hulki Dance (Photo source- Patrika)

Bastar Hulki Dance (Photo source- Patrika)

बदलती दुनिया में, जहां लोक परंपराएं धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं, वहीं बस्तर के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के नवगेल और सोंडवापारा गांव आज भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए हैं। दिवाली के मौके पर, ढोल की थाप गूंजती है, और पूरा गांव खुशी से भर जाता है जब लड़के और लड़कियां एक साथ "हुलकी डांस" करते हैं, जो अपनी पुश्तैनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश देता है। यह डांस सिर्फ़ मनोरंजन नहीं है, बल्कि एकता, सामूहिकता और बस्तर की जीवंत संस्कृति का प्रतीक है।

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